दिव्य दरबार लगाने वाला काली सरकार बाबा गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर थे लाखों फॉलोअर्स
हरदोईउत्तरप्रदेश न्यूज़: उत्तर प्रदेश के झांसी में ‘दिव्य दरबार’ आयोजित करने के बाद सुर्खियों में आए काली सरकार उर्फ प्रदीप शुक्ला को हरदोई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 1993 और 1998 में दर्ज आपराधिक मामलों में समन मिलने के बावजूद वह अदालत में पेश नहीं हुए थे। अदालत से लगातार अनुपस्थित रहने के कारण उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया था।हरदोई के चौहान थोक निवासी प्रदीप शुक्ला झांसी के कुरैंचा गांव स्थित मंदिर में सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार के नाम से रह रहा था। वह आर्मी जैसी ड्रेस पहनकर दरबार लगाता था और लोगों की बीमारियां ठीक करने का दावा करता था। सोशल मीडिया पर उसके एक लाख से अधिक फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं।
नाबालिग से यौन उत्पीड़न का भी आरोप
हरदोई पुलिस ने उसे पहले 10 अक्टूबर को हिरासत में लिया था, लेकिन पिछली घटनाओं के रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण अदालत ने उसे राहत दे दी थी। रिकॉर्ड में सुधार होने के बाद पुलिस ने उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ नाबालिग से यौन उत्पीड़न का मामला भी दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हरदोई शहर के CO अजीत चौहान ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी सिलसिले में मंगलवार को कोटवाली सिटी पुलिस स्टेशन के इतिहास-पत्रकार प्रदीप शुक्ला के खिलाफ अदालत से वारंट प्राप्त किया गया। इसके बाद शुक्ला को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ है मुकदमा
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, प्रदीप शुक्ला के खिलाफ पहला मामला 1993 में दर्ज किया गया था। यह मामला शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत दर्ज किया गया था। उसी वर्ष, उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 394, 397 और 411 के तहत एक और मामला दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त, 1998 में भारतीय दंड संहिता की धारा 324 के तहत एक मामला दर्ज किया गया। इन पूर्व मामलों में आरोपी लंबे समय से अदालत में पेश नहीं हो रहा था, जिसके कारण उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया गया। (एजेंसी)

