Wed. Nov 4th, 2026

अमेरिकी चुनाव में ट्रंप को बड़ा झटका, तीनों चहेते उम्मीदवारों की करारी हार

अमेरिकी मिडटर्म चुनावः अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने कई अहम सीटें जीत ली हैं। सबसे बड़ा उलटफेर टेक्सास में हुआ, जो लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का गढ़ रहा है। इसके बावजूद, डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टैलारिको ने रिपब्लिकन केन पैक्सटन को हरा दिया। इस जीत के साथ, डेमोक्रेट्स ने 30 से अधिक वर्षों में पहली बार टेक्सास सीनेट सीट पर कब्जा जमाया है।

इस चुनाव में ट्रंप के करीबी माने जाने वाले दो उम्मीदवारों को भी हार का सामना करना पड़ा। भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी ओहियो के गवर्नर पद के चुनाव में डेमोक्रेट एमी एक्टन से हार गए। वहीं, ट्रंप समर्थित डार्लीन ग्राहम दक्षिण कैरोलिना की सीनेट सीट पर डेमोक्रेट एनी एंड्रयूज से पराजित हुईं। ये परिणाम दर्शाते हैं कि इस बार ट्रंप का समर्थन भी रिपब्लिकन उम्मीदवारों को जीत नहीं दिला सका।

टेक्सास में 30 साल बाद डेमोक्रेट पार्टी की वापसी

टेक्सास को लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का गढ़ माना जाता रहा है। राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप ने यहां महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की थी। हालांकि, मध्यावधि चुनावों में स्थिति बदल गई। डेमोक्रेट जेम्स टैलेरिको ने रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन को हरा दिया। 37 वर्षीय टैलेरिको राज्य विधायक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिक्षक हैं। उन्होंने प्रेस्बिटेरियन धर्मशास्त्र का भी अध्ययन किया है। टालारिको की जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि टेक्सास से आखिरी बार 1993 में डेमोक्रेट पार्टी का कोई नेता सीनेटर बना था। अब करीब 33 साल बाद पार्टी ने यहां फिर जीत दर्ज की है। टालारिको सीनेट के सबसे युवा सदस्य भी होंगे। वह लंबे समय से सीनेटर रहे जॉन कॉर्निन की जगह लेंगे।

इस चुनाव में पैक्सटन की छवि भी एक बड़ा मुद्दा बन गई। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में जांच की गई, हालांकि कोई आरोप साबित नहीं हुआ। इसके अलावा, टेक्सास विधानसभा में उन पर अपने पद का दुरुपयोग करके एक राजनीतिक सहयोगी को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया। बाद में राज्य सीनेट ने उन्हें इन आरोपों से बरी कर दिया।

ट्रंप के समर्थन के बाद भी नहीं जीते पैक्सटन

रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं को पहले से ही इस बात की चिंता थी कि पैक्सटन की धूमिल छवि पार्टी को नुकसान पहुंचा सकती है। इसके बावजूद, ट्रंप ने पार्टी के भीतर जॉन कॉर्निन के बजाय पैक्सटन का समर्थन किया। हालांकि, यह रणनीति चुनाव में कारगर साबित नहीं हुई। टालारिको ने अपने चुनाव अभियान में आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने अरबपतियों के राजनीतिक प्रभाव पर सवाल उठाते हुए तर्क दिया कि धनवानों का बढ़ता प्रभाव आम अमेरिकियों के हितों को नुकसान पहुंचा रहा है। उनके वीडियो सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हुए, जिससे उन्हें रिपब्लिकन और निर्दलीय मतदाताओं का समर्थन प्राप्त करने में मदद मिली।

ट्रंप के दो और पसंदीदा उम्मीदवारों को हार

ओहायो के गवर्नर चुनाव में भारतीय-अमेरिकी विवेक रामास्वामी को डेमोक्रेट एमी एक्टन ने हरा दिया। रामास्वामी को ट्रंप का करीबी सहयोगी और पसंदीदा उम्मीदवार माना जा रहा था। यह चुनाव उपराष्ट्रपति जे.डी. वैंस के गृह राज्य में हुआ। इस चुनाव को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी मतभेद उभर आए। वहीं, डेमोक्रेट एनी एंड्रयूज ने दक्षिण कैरोलिना की सीनेट सीट के लिए ट्रंप समर्थित डार्लीन ग्राहम को हरा दिया।डार्लिन, दिवंगत रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम की बहन हैं। इस जीत के साथ डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन पार्टी से एक और अहम सीट छीन ली।

जॉर्जिया में भी डेमोक्रेट्स को महत्वपूर्ण सफलता मिली। कीशा लांस बॉटम्स राज्य की पहली अश्वेत महिला गवर्नर चुनी गईं, उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रिक जैक्सन को हराया। वह अटलांटा की पूर्व मेयर हैं और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की सलाहकार भी रह चुकी हैं। जॉर्जिया में डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन ओसॉफ ने अपनी सीट बरकरार रखी। वहीं, उत्तरी कैरोलिना में डेमोक्रेट रॉय कूपर ने रिपब्लिकन पार्टी से सीनेट की एक सीट छीन ली। इन नतीजों ने सीनेट में बहुमत के लिए रिपब्लिकन पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

ट्रंप के लिए क्यों अहम हैं ये नतीजे?

अमेरिका के मिड टर्म चुनाव में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटें और सीनेट की 37 सीटें शामिल थीं। इसके अलावा, 36 राज्यों में राज्यपाल पद के लिए भी चुनाव हुए। इन चुनावों के परिणाम तय करेंगे कि क्या ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस के दोनों सदनों पर अपना नियंत्रण बरकरार रख पाएगी।

चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों से पता चला कि अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र की स्थिति मतदाताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। शुरुआती सर्वेक्षणों से संकेत मिला कि बड़ी संख्या में मतदाता देश की स्थिति और ट्रंप के प्रदर्शन से नाखुश थे। टेक्सास जैसे रिपब्लिकन गढ़ वाले राज्य में हार पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है। अगर डेमोक्रेट सीनेट और प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल कर लेते हैं, तो ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के शेष दो वर्षों में उनके लिए निर्णय लेना और नीतियां लागू करना मुश्किल हो सकता है। (एजेंसी)

About The Author

इन्हें भी पढ़े

SKY TMT