‘इजरायल में चोरी हुआ जनादेश’: कुर्सी खिसकते देख भड़के बेंजामिन नेतन्याहू, विदेशी ताकतों पर साधा निशाना
यरूशलम। इजरायल में खंडित जनादेश और सत्ता की बागडोर हाथ से छूटने की प्रबल आशंकाओं के बीच मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पूरे चुनावी तंत्र की निष्पक्षता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। संसद में अरब गुटों के अप्रत्याशित उभार और उनके संभावित किंगमेकर बनने की स्थिति से तिलमिलाए नेतन्याहू ने सीधा आरोप मढ़ा है कि देश में लोकतंत्र को कुचलते हुए जनादेश की चोरी की गई है। अपनी दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी के माध्यम से जारी एक तीखे वक्तव्य में उन्होंने इस समूचे प्रकरण को ‘राअमगेट’ करार दिया और इसे देश की राजनीतिक व्यवस्था के लिए विनाशकारी भूकंप की संज्ञा दी।
विदेशी हस्तक्षेप और मतदाताओं को रिश्वत देने का दावा
बेंजामिन नेतन्याहू ने सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस सोलबर्ग की टिप्पणियों का हवाला देते हुए सनसनीखेज दावा किया कि इस चुनाव में विदेशी शक्तियों ने पर्दे के पीछे से सीधा दखल दिया है। उनके अनुसार, बाहरी ताकतों ने अरब दलों के पक्ष में मतदाताओं को भारी रिश्वत बांटी, जिसके दम पर चुनावी संतुलन को कृत्रिम रूप से बदल दिया गया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान ‘द गार्जियन’ की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली पुलिस और केंद्रीय चुनाव समिति ने इन दावों की हवा निकालते हुए स्पष्ट कर दिया है कि मतदान या मतगणना में किसी भी तरह की संगठित धांधली अथवा विदेशी हस्तक्षेप के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं।
संसद पर कब्जे और सुरक्षा मोर्चे पर विफलता की चेतावनी
नेतन्याहू ने देशवासियों को आगाह करते हुए कहा कि यह घटनाक्रम इजरायली संप्रभुता पर सीधा प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी साजिश की पटकथा इजरायल की संसद ‘नेसेट’ पर गैर-यहूदी और बाहरी ताकतों का वर्चस्व कायम करने, समाज का इस्लामीकरण करने और राष्ट्रवादी दक्षिणपंथी विचारधारा को जड़ से खत्म करने के मकसद से तैयार की गई है। प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि इन दलों के सहारे सरकार बनी, तो इजरायली रक्षा बलों (IDF) का मनोबल टूटेगा और उन्हें ईरान सहित तमाम बाहरी मोर्चों पर रणनीतिक पराजय का सामना करना पड़ेगा।
अरब दलों के बहिष्कार और शिन बेट जांच की मांग
प्रधानमंत्री ने तमाम राष्ट्रवादी और जायोनी विचारधारा वाले दलों से पुरजोर अपील की कि वे किसी भी कीमत पर राअम या जॉइंट लिस्ट जैसे अरब गुटों के साथ सरकार बनाने का समझौता न करें। उन्होंने कहा कि ये दल पैसे के बल पर सत्ता की सौदेबाजी कर रहे हैं और संसद के स्पीकर पद को हथियाने की फिराक में हैं, जो देश के अस्तित्व के लिए सीधा खतरा है। नेतन्याहू ने इजरायल की आंतरिक खुफिया एजेंसी शिन बेट और पुलिस प्रशासन से मांग की कि वे बिना किसी देरी के अपनी तमाम शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इस चुनावी खरीद-फरोख्त की आपराधिक जांच शुरू करें।
बेन गवीर का तीखा रुख: कतरी फंडिंग की जांच और गिरफ्तारी की मांग
इस सियासी खींचतान के बीच इजरायल के विवादित राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन गवीर ने भी आग में घी डालने का काम किया है। उन्होंने अरब पार्टियों के नेताओं को तुरंत सलाखों के पीछे भेजने की मांग उठा दी है। बेन गवीर ने कहा कि सुरक्षा एजेंसी शिन बेट को अविलंब उन सभी अरब राजनेताओं को हिरासत में लेना चाहिए जिन पर कतर से अवैध फंडिंग हासिल करने का शक है। हालांकि, देश के राजनीतिक तापमान को देखते हुए सुरक्षा एजेंसी शिन बेट ने अब तक इस मुद्दे पर पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है।

