Indonesia Earthquake: इंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता के भूकंप का कहर: 51 मौतें, 5,000 बेघर और सैकड़ों झटकों से सहमे लोग
Indonesia Earthquake: पूर्वी इंडोनेशिया में शनिवार सुबह आए भीषण 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। रविवार को चार और शव बरामद होने के बाद इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 51 हो गई है। भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, इस शक्तिशाली भूकंप का केंद्र फ्लोरेस क्षेत्र में जमीन से मात्र 10 किलोमीटर की गहराई में था, जिसके कारण भारी तबाही देखने को मिली।
भूकंप के तुरंत बाद तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई थी, जिससे सहमे लोग अपने घरों को छोड़कर बाहर भाग खड़े हुए। हालांकि, कुछ समय बाद खतरे को टलता देख सुनामी की चेतावनी वापस ले ली गई, लेकिन तब तक यह आपदा बड़ा नुकसान कर चुकी थी।
मलबे में तलाश जारी और संचार व्यवस्था ठप
मौसम विज्ञान एजेंसी ने जानकारी दी है कि मुख्य भूकंप के बाद से अब तक कम से कम 235 से अधिक झटके आ चुके हैं। भूस्खलन के कारण कई मुख्य मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। राहत और बचाव दल सबसे ज्यादा प्रभावित और दूरदराज के मंगराई, पूर्वी मंगराई और नागेकेओ जिलों में मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हैं। स्थानीय खोज एवं बचाव अधिकारियों ने बताया कि सड़कों से मलबा हटाकर गांवों का संपर्क जोड़ने का काम जारी है, लेकिन भारी बिजली कटौती और बाधित संचार व्यवस्था के चलते राहत कार्यों में लगातार बाधा आ रही है।
घायलों का इलाज और विस्थापितों का दर्द
राष्ट्रीय खोज एवं बचाव एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक, इस आपदा में अब तक 101 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। भूकंप की तीव्रता इतनी भयानक थी कि 900 से ज्यादा घर जमींदोज हो गए और 450 अन्य मकानों को भारी क्षति पहुंची है। सिर छिपाने की जगह न बचने के कारण करीब 5,000 बेघर लोग राहत शिविरों और अस्थायी तंबुओं में शरण लेने को विवश हैं। कई इलाकों में लोग शक्तिशाली आफ्टरशॉक्स के डर से अपने घरों के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं और खुले आसमान के नीचे कैंपों में रात गुजार रहे हैं। प्रशासन द्वारा प्रभावितों के बीच लगातार भोजन, पेयजल और चिकित्सा सहायता पहुंचाई जा रही है।

