बाढ़ पीड़ितों को अक्टूबर में मिलेंगे 7-7 हजार रुपये, बिहार सरकार ने अधिकारियों को दिए निर्देश
बिहार न्यूज़: बिहार के लोग बाढ़ की वजह से मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। सरकार बाढ़ पीड़ितों की मदद तो कर रही है, लेकिन बार-बार आने वाली बाढ़ की समस्या का कोई पक्का समाधान दशकों से नहीं मिल पाया है। इस बीच, बिहार के सीएम सम्राट चौधरी खुद बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। पश्चिमी चंपारण के दौरे के दौरान, उन्होंने एक राहत शिविर का निरीक्षण किया और पीड़ितों को खाना परोसा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश भी दिया कि हर प्रभावित व्यक्ति के बैंक खाते में ₹7,000 की सहायता राशि भेजी जाए। बिहार में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है, बच्चे-बुढ़े और महिलाएं कैंप या खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। इस बीच सीएम सम्राट चौधरी ने 7-7 हजार रुपये राहत राशि का ऐलान किया है।
सीएम सम्राट चौधरी ने बाढ़ पीड़ित और अधिकारियों से की बात
सम्राट चौधरी ने बीते बुधवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरे के दौरान, उन्होंने पश्चिमी चंपारण के बैरिया ब्लॉक में बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने कम्युनिटी किचन में लोगों को खुद खाना परोसा और बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत करके उनकी परेशानियों को समझा। इसके बाद, अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में प्रभावित परिवारों को राहत राशि बांटने की तैयारियों पर चर्चा की गई।
जानिए कब भेजे जाएंगे 7-7 हजार रुपये
रिपोर्ट के अनुसार, 9 अक्टूबर को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए बाढ़ से प्रभावित परिवारों को यह राशि भेजने की तैयारी चल रही है। दूसरे शब्दों में, योजना दुर्गा पूजा से पहले लोगों को राहत राशि देने की है। इससे पहले, 15 सितंबर को राज्य में बाढ़ से प्रभावित 8,27,472 परिवारों को ₹579.23 करोड़ की आर्थिक सहायता भेजी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि प्रभावित इलाकों में सामुदायिक रसोई तब तक चलते रहें जब तक हालात पूरी तरह सामान्य न हो जाएं। इसके अलावा, अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है कि बाढ़ पीड़ितों को पर्याप्त मात्रा में सूखा राशन और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया जाए।
बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्थिति नेपाल के तराई क्षेत्र से पानी के बहाव के कारण पैदा हुई है। इस समस्या का स्थायी समाधान खोजने के लिए कोसी और महानंदा नदियों का वैज्ञानिक सर्वे कराया जा रहा है। उम्मीद है कि अगले दो-तीन दिनों में कई इलाकों में जलस्तर कम हो जाएगा। (एजेंसी)

