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‘संगठन से बड़ा कोई नेता नहीं’: एमपी बीजेपी में नए स्वरूप में दिखेगा कोर ग्रुप, गुटबाजी पर लगाम लगाने की तैयारी

भोपाल। मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक स्तर पर बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। पार्टी की आंतरिक कार्यप्रणाली को धार देने और आगामी चुनौतियों से निपटने के लिए अब कोर ग्रुप का पुनर्गठन किया जाएगा। भोपाल में आयोजित पार्टी की अहम बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने स्पष्ट किया कि कोर ग्रुप को ज्यादा समावेशी और सुचारू बनाने के लिए इसका विस्तार किया जाएगा। बैठक में प्रदेश सह-प्रभारी रेखा वर्मा और प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में पदाधिकारियों की कार्यशैली की समीक्षा की गई और कई कड़े निर्देश जारी किए गए।

गुटबाजी और परिवारवाद पर दो टूक रुख

बैठक के भीतर वरिष्ठ नेतृत्व का रुख बेहद कड़ा रहा। पार्टी पदाधिकारियों को सीधी चेतावनी दी गई कि संगठन के भीतर दिग्गज नेताओं की आपसी खींचतान या मनमुटाव को अब कतई नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। वरिष्ठों ने साफ किया कि पार्टी में परिवारवाद के लिए कोई स्थान नहीं है और ऐसे किसी भी मामले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नेतृत्व ने दोहराया कि पार्टी में छोटा या बड़ा नेता जैसा कोई भेद नहीं है, सभी को समान भाव से कार्य करना होगा और किसी भी सूरत में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

संयमित भाषा की नसीहत, सार्वजनिक कलह पर रोक

नेताओं की सार्वजनिक बयानबाजी को लेकर भी कड़ा अनुशासन लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। संगठन ने सख्त हिदायत दी है कि किसी भी नेता की व्यक्तिगत नाराजगी मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर नहीं आनी चाहिए। प्रवक्ताओं और नेताओं से विवादित बयानों से बचने और संयमित भाषा का इस्तेमाल करने को कहा गया है। नेतृत्व ने जोर देकर कहा कि पार्टी नेताओं को अपनी ताकत आंतरिक मतभेदों में गंवाने के बजाय विपक्ष के हमलों का आक्रामक और तथ्यपरक जवाब देने में लगानी चाहिए।

कार्यकर्ताओं की अनदेखी नहीं होगी, बूथ पर केंद्रित रहेगा काम

संगठनात्मक प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए शीर्ष नेताओं ने कहा कि पार्टी और कार्यकर्ता हमेशा सर्वोपरि हैं। पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे जमीन पर पसीना बहाने वाले निष्ठावान कार्यकर्ताओं को पूरा मान-सम्मान और तवज्जो दें। इसके साथ ही चुनावी मशीनरी को सक्रिय रखने के लिए बूथ प्रबंधन को मजबूत करने पर सबसे ज्यादा ध्यान देने को कहा गया है। पदाधिकारियों से कहा गया है कि वे नियमित रूप से बूथ स्तर के कार्यक्रमों में हिस्सा लें, ताकि जमीनी स्तर पर पार्टी का आधार और मजबूत हो सके।

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