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Hantavirus Alert: क्या ब्रेस्ट मिल्क और स्पर्म से भी फैल सकता है हंता वायरस? नए दावों से बढ़ी लोगों की चिंता

हंता वायरस को लेकर सामने आई नई रिपोर्ट्स ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. विशेषज्ञों के मुताबिक, ब्रेस्ट मिल्क और स्पर्म में वायरल आरएनए मिलने के संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन संक्रमण फैलने के पुख्ता सबूत अभी नहीं हैं.

 

 

Hantavirus Alert : कोरोना महामारी के बाद अब हंता वायरस ने दुनिया भर में लोगों की चिंता बढ़ा दी है. हाल ही में सामने आई रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया दावों में कहा जा रहा है कि हंता वायरस ब्रेस्ट मिल्क और स्पर्म के जरिए भी फैल सकता है. इन दावों के बाद खासकर छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं वाले परिवारों में डर का माहौल बन गया है.

 

हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले बेहद दुर्लभ हैं और बिना पूरी जानकारी के घबराने की जरूरत नहीं है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, अभी तक इस बात के ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं कि रिकवरी के बाद वायरस इंसानों में संक्रमण फैला सकता है.

 

Indian Medical Association रिसर्च सेल के कन्वीनर Dr. Rajeev Jayadevan के मुताबिक, कई वायरस ऐसे हैं जिनका वायरल आरएनए रिकवरी के बाद भी शरीर के कुछ हिस्सों में मौजूद रह सकता है. उन्होंने बताया कि अब तक कम से कम 27 वायरस में ऐसा देखा गया है. उनके अनुसार, टेस्टिस शरीर का ऐसा हिस्सा है जहां इम्यून सिस्टम की पहुंच सीमित होती है, इसलिए कुछ वायरस वहां लंबे समय तक रह सकते हैं.

 

हालांकि उन्होंने साफ किया कि रिसर्च में केवल वायरल आरएनए मिला था, जिंदा वायरस नहीं. इसका मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति रिकवरी के बाद भी संक्रमण फैलाने में सक्षम है.

 

ब्रेस्ट मिल्क को लेकर भी एक स्टडी ने चिंता बढ़ाई है. Centers for Disease Control and Prevention के जर्नल Emerging Infectious Diseases में प्रकाशित रिसर्च में चिली की एक संक्रमित महिला के ब्रेस्ट मिल्क में एंडीज वायरस के जीनोम और प्रोटीन मिलने की बात कही गई थी. रिसर्चर्स ने आशंका जताई थी कि इससे मां से बच्चे में संक्रमण पहुंच सकता है.

 

वहीं Dr. D. Y. Patil Vidyapeeth के एपिडेमियोलॉजिस्ट Dr. Amitav Banerjee ने कहा कि ऐसे मामले बेहद रेयर हैं और आम लोगों को जरूरत से ज्यादा डरने की आवश्यकता नहीं है.

 

इस चर्चा की शुरुआत 2023 में जर्नल Viruses में प्रकाशित एक स्टडी के बाद हुई थी. इस रिसर्च में पाया गया कि चूहों से फैलने वाले एंडीज स्ट्रेन का वायरल आरएनए इंसानी स्पर्म में रिकवरी के कई साल बाद तक मौजूद रह सकता है. वैज्ञानिकों ने इसकी तुलना इबोला और जीका वायरस से की थी, जो लंबे समय तक रिप्रोडक्टिव सिस्टम में रह सकते हैं.

 

हंता वायरस का पहला चर्चित मामला 11 अप्रैल 2026 को सामने आया था, जब डच क्रूज शिप MV Hondius पर एक बुजुर्ग यात्री की मौत हुई थी. बाद में उनकी पत्नी भी दक्षिण अफ्रीका में मृत पाई गईं. इसके बाद जहाज पर एक जर्मन महिला की भी मौत हुई. जांच में हंता वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई.

 

World Health Organization के अनुसार, इस क्रूज शिप से जुड़े हंता वायरस के नौ मामले कन्फर्म हो चुके हैं. WHO ने जहाज से लौटने वाले लोगों के लिए 42 दिन के आइसोलेशन की सलाह दी है. वहीं अमेरिका में संपर्क में आए यात्रियों को निगरानी और क्वारिंटीन में रखा गया है.

 

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