NEET Controversy और CJP प्रदर्शन के बीच मोदी सरकार का बड़ा एक्शन, उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी हटाए गए
NEET Controversy: देश में NEET पेपर लीक मामले को लेकर बढ़ता जनआक्रोश और सड़कों पर छात्रों का प्रदर्शन अब सीधे सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था पर असर दिखाने लगा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शनों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की चौतरफा मांग के बीच मोदी सरकार ने देर रात शिक्षा मंत्रालय में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है।
केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग (Department of Higher Education) के सचिव वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनीत जोशी (Vineet Joshi) को पद से हटा दिया है। उनकी जगह 1994 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार (Naresh Pal Gangwar) को देश के उच्च शिक्षा विभाग की कमान सौंपी गई है।
विनीत जोशी का हुआ तबादला, नरेश पाल गंगवार संभालेंगे कमान
कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार:
विनीत जोशी: 1992 बैच के मणिपुर कैडर के IAS अधिकारी विनीत जोशी को उच्च शिक्षा सचिव के पद से स्थानांतरित कर पंचायती राज मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया है। वह 31 जुलाई को मौजूदा सचिव विवेक भारद्वाज के सेवानिवृत्त (Retire) होने के बाद पदभार संभालेंगे।
नरेश पाल गंगवार: 1994 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव बनाया गया है। गंगवार ने 1993 में UPSC परीक्षा उत्तीर्ण की थी और उनके पास IIT दिल्ली से M.Tech तथा Roorkee यूनिवर्सिटी से B.Tech की डिग्री है। इससे पहले वे पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव के रूप में कार्य कर रहे थे।
पेपर लीक पर एक्शन: फास्ट-ट्रैक कोर्ट की होगी स्थापना
प्रशासनिक फेरबदल के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पेपर लीक के दोषियों पर शिकंजा कसने के लिए कड़े कदम उठाने का ऐलान किया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट जारी कर छात्रों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में लिखा:
“हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से ज्यादा जरूरी कुछ नहीं है! हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है। संबंधित अधिकारियों को इस बारे में सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, जो भी उनके भविष्य से खिलवाड़ करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”
प्रधानमंत्री के इस निर्देश के बाद संबंधित विभागों ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन और कठोर कानूनी सजा के प्रावधानों की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी है, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करने वालों के खिलाफ तुरंत और सख्त फैसले लिए जा सकें।

