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दिशा सालियान के पिता का बड़ा कदम, आदित्य ठाकरे को भेजा ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस

Disha salian: फिल्म मैनेजर दिशा सालियन की मौत रहस्य बनी हुई है। इस मामले में कई प्रमुख नाम सामने आए हैं। अब दिशा के पिता सतीश सालियन ने आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस भेजा है। हाल ही में, सीबीआई ने सतीश सालियन की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है। अब उन्होंने दोनों नेताओं को 500 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस भेजे हैं। इन नोटिसों में दोनों नेताओं द्वारा दिए गए कुछ बयानों पर आपत्ति जताई गई है। सतीश सालियन ने माफी, बयान वापस लेने और 500 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। उन्हें इसके लिए सात दिन का समय दिया गया है।

वकील अनुष्का सोनावणे के माध्यम से भेजे गए कानूनी नोटिस में दोनों नेताओं से बिना शर्त, स्पष्ट और सार्वजनिक लिखित माफी मांगने की मांग की गई है। साथ ही, यह भी मांग की गई है कि माफी को सभी प्रमुख मीडिया माध्यमों में प्रकाशित किया जाए, जिसमें प्रिंट मीडिया में ए4 आकार का विज्ञापन और प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य समाचार चैनलों के साथ-साथ सोशल मीडिया खातों पर कम से कम तीन मिनट का बिना शर्त माफीनामा वीडियो शामिल है।

दिशा के पिता की मांग

नोटिस में कहा गया है कि आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख ने सतीश सालियन के बयानों और कानूनी कार्रवाई के संबंध में झूठे, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक आरोप लगाए हैं। सतीश का दावा है कि उनकी बेटी की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग राजनीतिक रूप से प्रेरित थी। इसमें यह भी कहा गया है कि सीबीआई दिशा सालियन मामले की पहले ही जांच कर चुकी है और उन्हें क्लीन चिट दे चुकी है। नोटिस के अनुसार, सतीश सालियन ने अपनी बेटी की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए अपने संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के तहत उच्च न्यायालय का रुख किया था। उनका दावा है कि याचिका में कई आरोप, परिस्थितियां, विरोधाभास और दस्तावेजी एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य शामिल हैं।

नोटिस में कहा गया है कि आदित्य ठाकरे ने मामले की सुनवाई में हस्तक्षेप किया। उन्होंने न केवल कानूनी पहलुओं पर सवाल उठाए, बल्कि सतीश सालियन के इरादों और विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सतीश की कानूनी लड़ाई को राजनीतिक साजिश और उन्हें परेशान करने का प्रयास बताया।

सतीश सालियन ने इन आरोपों को झूठा बताया है और कहा है कि ये बिना किसी ठोस सबूत के लगाए गए हैं। नोटिस में अनिल देशमुख के पिछले साल के बयान का भी जिक्र है, जिसमें उन्होंने सतीश की याचिका को आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश बताया था। सतीश का तर्क है कि देशमुख खुद इस मामले में निष्पक्ष नहीं थे, जिससे उनका बयान और भी गंभीर और दुर्भावनापूर्ण हो जाता है।

क्या दिशा की मौत हत्या थी?

दिशा सालियन के पिता लंबे समय से अपनी बेटी की मौत पर सवाल उठाते रहे हैं। 2025 में उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मामले की दोबारा जांच की मांग की। उनके वकील ने अदालत में दावा किया कि दिशा के साथ पहले यौन उत्पीड़न किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। यह भी आरोप लगाया गया कि प्रभावशाली व्यक्तियों और पुलिस अधिकारियों ने मामले को दबाने में भूमिका निभाई। इन आरोपों की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है।

दिशा सालियन की मौत की शुरुआती जांच मुंबई पुलिस ने की थी। पुलिस जांच में उनकी मौत को आत्महत्या करार दिया गया था। मार्च 2025 में जारी मुंबई पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट में भी दिशा की मौत को आत्महत्या बताया गया और उनकी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला दिया गया। इसलिए, सीबीआई के सामने अब सबसे अहम सवाल यह है कि क्या कोई नया, ठोस सबूत सामने आता है जो पिछली जांच के निष्कर्षों का खंडन करता हो। (एजेंसी)

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