कॉकरोच जनता पार्टी को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका, X अकाउंट बहाल करने से कोर्ट का इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- मामले के दूरगामी परिणाम, सरकार का पक्ष सुनने के बाद ही लिया जाएगा फैसला, 6 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
सोशल मीडिया पर चर्चा में रहने वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी CJP को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने पार्टी के एक्स अकाउंट (X Account) को तुरंत बहाल करने से इनकार कर दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस पुरुषैन्द्र कुमार कौरव ने कहा कि मामले के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं, इसलिए सरकार का पक्ष सुने बिना कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया जा सकता।
कोर्ट ने साफ कहा कि अकाउंट को तत्काल बहाल करना उचित नहीं होगा। मामले की अगली सुनवाई अब 6 जुलाई को होगी। गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी का आधिकारिक एक्स हैंडल 21 मई को भारत में ब्लॉक कर दिया गया था। इसके बाद समर्थकों ने ‘Cockroach Is Back’ नाम से नया हैंडल बनाया, जिसके फिलहाल 2.27 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं।
कैसे शुरू हुआ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ विवाद?
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की शुरुआत भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की कथित टिप्पणी के बाद हुई थी। दावा किया गया था कि वरिष्ठ वकील का दर्जा देने से जुड़ी एक सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने ‘परजीवी’ और ‘कॉकरोच’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। इसी विवाद से प्रेरित होकर सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ट्रेंड करने लगी।
हालांकि बाद में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया था कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने कहा था कि उनका बयान केवल फर्जी और गलत डिग्री लेकर कानूनी पेशे में आने वाले लोगों के संदर्भ में था।
मीम्स और व्यंग्य से वायरल हुई पार्टी
सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी ने तेजी से लोकप्रियता हासिल की। कॉकरोच को चुनाव चिन्ह बनाकर मीम्स, व्यंग्यात्मक पोस्ट, ग्राफिक्स और राजनीतिक टिप्पणियों के जरिए यह अभियान चलाया गया। इस डिजिटल अभियान में बेरोजगारी, परीक्षा पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों को अनोखे अंदाज में उठाया जाता था।
16 मई को शुरू हुई इस पहल का दावा है कि इसका उद्देश्य युवाओं की आवाज को मजबूत करना और सरकार को जवाबदेह बनाना है। संस्थापक अभिजीत दीपके ने इसे “आलसी और बेरोजगार लोगों की आवाज” बताते हुए युवाओं के लिए स्वतंत्र डिजिटल आंदोलन करार दिया था।

