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अभिजीत दिपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को कोर्ट से राहत, आज फिर जंतर-मंतर में मार्च, AAP और वाम संगठनों ने दिया समर्थन

नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी की सड़कों पर छिड़ा टकराव और तेज हो गया है। दिल्ली की एक अदालत ने हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए उन्हें तत्काल रिहा करने का आदेश दिया। अदालत से राहत मिलते ही संगठन ने अपनी रणनीति और आक्रामक कर ली है तथा आज दोबारा जंतर-मंतर कूच करने का औपचारिक ऐलान कर दिया है, जिसके बाद दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल फिर से अलर्ट मोड पर आ गए हैं।

परिजनों ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, लगाया गंभीर आरोप

रिहाई की कानूनी प्रक्रिया के बीच अभिजीत दिपके के माता-पिता ने दिल्ली पुलिस पर बेहद संवेदनशील आरोप लगाए हैं। पिता भगवान दिपके ने कहा कि परिवार की ओर से लगातार संपर्क साधने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने जानबूझकर गुमराह किया और बेटे से बात नहीं होने दी। वहीं, मां अनीता दिपके ने भावुक होते हुए कहा कि अगर अभिजीत को उसकी दादी के देहांत की जानकारी मिल जाती तो वह तुरंत घर लौट आता। उन्होंने यह भी बताया कि बेटे के अंतिम दर्शन के इंतजार में परिवार ने दादी का अंतिम संस्कार तक रोक रखा है।

AAP समेत वामपंथी छात्र संगठनों का खुला समर्थन, केजरीवाल ने दिया बड़ा बयान

जंतर-मंतर पर आज होने वाले नए प्रदर्शन को कई सियासी दलों और छात्र संगठनों का साथ मिल गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के अलावा वामपंथी छात्र संगठन आइसा (AISA) और एसएफआई (SFI) भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। इधर, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने CJP के आंदोलन का पुरजोर समर्थन करते हुए देशवासियों से लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए ‘शहर-शहर जंतर-मंतर’ खड़ा करने की अपील की है, जिससे इस प्रदर्शन का सियासी दायरा और बड़ा हो गया है।

जंतर-मंतर पर 7 स्तरीय बैरिकेडिंग, धारा 163 लागू और रास्ते पूरी तरह सील

संगठन के नए मार्च के आह्वान को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने लुटियंस दिल्ली के आसपास सुरक्षा का अभेद्य चक्रव्यूह तैयार किया है। नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी गई है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जंतर-मंतर के प्रवेश द्वारों पर 7 लेयर की मजबूत बैरिकेडिंग की गई है और वहां जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया है। निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि पुलिस लाउडस्पीकर से लोगों को लगातार चेतावनी दे रही है। साथ ही, दिल्ली के तमाम अंतरराज्यीय बॉर्डर्स पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ गाड़ियों की कड़ी जांच की जा रही है।

मध्य दिल्ली के 30 प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन, पुलिस ने जारी किए दिशा-निर्देश

ट्रैफिक की स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए बताया है कि सेंट्रल और लुटियंस दिल्ली के लगभग 30 प्रमुख रास्तों पर जमीनी हालात के अनुसार डायवर्जन लागू रहेगा। इसके चलते जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, आईटीओ और धौला कुआं जैसे व्यस्त इलाकों में वाहनों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ सकता है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि वे रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट या अंतरराज्यीय बस अड्डों की यात्रा कर रहे हैं, तो जाम की संभावना को देखते हुए पर्याप्त अतिरिक्त समय लेकर ही घर से निकलें।

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