करोड़ों की घूसखोरी मामले में नेटवर्क का पर्दाफाश, CBI ने सभी आरोपियों से की पूछताछ शुरू
नई दिल्ली: रिश्वतखोरी के मामले में लाल किले के पास गिरफ्तार किए गए दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सीबीआई ने इंस्पेक्टर समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया है। प्रदीप के अलावा, एफआईआर में दो बिचौलियों, राजकुमार उर्फ मदनराज और आरोपी राजशेखर का भी नाम है।जबकि एक अज्ञात लोक सेवक और एक अज्ञात प्राइवेट पर्सन को भी आरोपी बनाया गया है। यही नहीं इसमें एक वरिष्ठ लोक सेवक है, जिसने बकायदा CBI के केस में आरोपी को राहत दिलवाने का आश्वासन भी दिया था। हालांकि एफआईआर में उस वरिष्ठ लोक सेवक के नाम का खुलासा नहीं किया गया है।

सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार एंटी करप्शन विंग ( (एसी-II) को सूचना मिली थी कि एन. राजू उर्फ वलियाप्पन उर्फ राजशेखर सीबीआई द्वारा अपने हाथ में लिए गए कुछ मामलों में आरोपी है। दिल्ली पुलिस अपराध शाखा के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह, बिचौलिए राजकुमार उर्फ मदनराज, एक अज्ञात वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और एक अज्ञात निजी व्यक्ति इन मामलों में अनुकूल राहत पाने और जांच अधिकारियों को प्रभावित करने के लिए भ्रष्टाचार का गिरोह चला रहे थे।
3 करोड़ की डील, 1.5 करोड़ की एडवांस मांग
यह दावा किया गया है कि 14 मई, 2026 को इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह ने एयरोसिटी (आईजीआई एयरपोर्ट के पास)में आरोपियों से मुलाकात की और उन्हें एक अज्ञात वरिष्ठ सरकारी अधिकारी से मिलवाया। इस मुलाकात में उन्होंने सीबीआई में अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके आरोपियों को संरक्षण देने का वादा किया। इसके बाद,16 मई को राजशेखर ने अपनी पत्नी को बताया कि उक्त वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने लंबित मामलों में सहायता के बदले में 3 करोड़ रुपये की रिश्वत और 1.5 करोड़ रुपये का देने को कहा था।
हवाला और वडोदरा कनेक्शन
रिश्वत की रकम के लेन-देन के तरीकों पर चर्चा करने के लिए बिचौलिया राजकुमार गुजरात के वडोदरा गया, जहां उसने इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह से मुलाकात की और फिर दोनों साथ में दिल्ली आए। राजशेखर ने एडवांस रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 1 करोड़ रुपये दिल्ली भेजने के लिए चेन्नई स्थित एक हवाला ऑपरेटर से भी संपर्क किया।
चांदनी चौक में होनी थी डिलिवरी
सीबीआई को सूचना मिली थी कि 8 जून, 2026 को दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह को रिश्वत की रकम पहुंचाई जानी थी। इस सूचना के आधार पर सीबीआई के पुलिस अधीक्षक विनायक वर्मा (आईपीएस) के निर्देश पर मामला दर्ज किया गया। जांच फिलहाल जारी है। एजेंसी इस साजिश में शामिल अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
BCAS में तैनात वरिष्ठ लोक सेवक?
सूत्र का कहना है कि जिस अज्ञात वरिष्ठ लोक सेवक का जिक्र है, वह ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी में तैनात एक आईपीएस है, जो फिलहाल एक दूसरे राज्य से यहां प्रतिनियुक्ति पर आए हुए हैं।(एजेंसी)

