ममता बनर्जी को बड़ा झटका, बागियों की सूची में शामिल हुईं सयानी घोष
Saayoni Ghosh Likely To Join Rebel TMC Camp: पश्चिम बंगाल विधानसभा में फूट पड़ने के बाद, टीएमसी संसदीय दल में भी फूट पड़ गई है। सायनी घोष समेत टीएमसी के बीस सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की है। घोष ने भी इस पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इसे ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
वह पश्चिम बंगाल की एक प्रख्यात बंगाली अभिनेत्री, गायिका और तृणमूल कांग्रेस की सांसद हैं। वर्तमान में वह जादवपुर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सांसद हैं। बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उनके द्वारा गाए गए गीत “मेरे दिल में है काबा” और “आंखों में मदीनत” ने काफी चर्चा और विवाद को जन्म दिया था।

सयानी घोष की सियासी पारी
2021 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सयानी घोष ने टीएमसी का दामन थामा था, वो एक महिला और युवा होने के साथ-साथ ख़ासी चर्चित भी थीं। बांग्ला फ़िल्मों ने उन्हें समूचे बंगाल में पहचान दी और राजनीति में आने से पहले ही वो सांस्कृतिक जगत का एक चर्चित चेहरा बन चुकी थीं। पार्टी में शामिल होने के बाद ममता बनर्जी ने उन्हें आसनसोल सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन बीजेपी के उम्मीदवार से हार गईं। इसके बाद पलटकर नहीं देखा और तेजी से राजनीति में आगे बढ़ी।
साल 2021 में ही सयानी घोष को त्रिपुरा में गिरफ़्तार भी किया गया था। त्रिपुरा में स्थानीय चुनावों के समय सयानी ने बीजेपी की एक नुक्कड़ सभा के पास से गुज़रते हुए नारा लगाया था ‘खेला होबे’। इस नारेबाज़ी के बाद अगरतला के एक पुलिस थाने में सयानी घोष पर मुक़दमा दर्ज कर लिया गया था और उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया था।
2024 में जाधवपुर से सांसद बनी
साल 2023 में जब वो टीएमसी की यूथ विंग की अध्यक्ष बनी. इसके बाद पश्चिम बंगाल के कथित भर्ती घोटाले की जांच कर रही ईडी ने उनसे दस घंटों तक पूछताछ की तो चर्चा के केंद्र में आ गईं।
1993 में कोलकाता में पैदा हुईं सयानी घोष टीएमसी राजनीति के सबसे चर्चित युवा चेहरों में से एक हैं। सयानी घोष 2024 में टीएमसी के टिकट पर जाधवपुर से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर सांसद बनी। 2026 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की स्टार प्रचारक रही, लेकिन सत्ता बदलते ही उनका भी मन बदल रहा।
सयानी घोष भी टीएमसी से हुई बागी
पश्चिम बंगाल में विधायक दल में बिखराव के बाद टीएमसी संसदीय दल में टूट कन्फर्म हो गई है। टीएमसी के 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद में अलग व्यवस्था देने की मांग की है, जिसमें सयानी घोष का नाम भी शामिल हो गया है। अभिषेक बनर्जी की जगह पर काकोली घोष को टीएमसी संसदीय दल का नेता बनाने की बात पत्र में कही गई है।
स्पीकर को हस्ताक्षर करने वालों में टीएमसी के अरुप चक्रवर्ती, पार्थ भौमिक, शताब्दी रॉय, जगदीश वसुनिया,काकोली घोष दस्तीदार, प्रसून बनर्जी, कालीपदा सोरेन, शर्मिला सरकार, जून मालिया, वापी हलदर, असित मल, सुवेंदु शेखर रॉय समेत 20 सांसद बताए। (एजेंसी)

