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भोटेकोशी बाढ़ का कहर, बैंक से निकला 50 करोड़ नेपाली रुपये का सोना

Nepal Flood Rescue: नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। बाढ़ का पानी नुवाकोट जिले के त्रिशूली क्षेत्र में स्थित कृषि विकास बैंक की शाखा में घुस गया, जिससे पूरा बैंक परिसर जलमग्न हो गया। कई दिनों बाद जब स्थिति सामान्य हुई, तो बैंक के अंदर फंसे करोड़ों रुपये के खजाने को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव और राहत अभियान शुरू किया गया। बैंक से लगभग 50 करोड़ नेपाली रुपये का सोना बरामद किया गया।पुलिस के अनुसार, बाढ़ से कृषि विकास बैंक की त्रिशुली-ढुंगे शाखा बुरी तरह प्रभावित हुई। पानी और मलबे के बीच लॉकरों और बैंक के अन्य हिस्सों तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद, पुलिस और संबंधित टीमों ने लगभग आठ घंटे तक लगातार अभियान चलाया और बैंक के अंदर रखे कीमती धातुओं और नकदी को सुरक्षित निकाल लिया। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के दौरान लगभग 50 करोड़ नेपाली रुपये का सोना, लगभग 15 करोड़ नेपाली रुपये की नकदी, चांदी और अन्य मूल्यवान वस्तुएं बरामद की गईं। महत्वपूर्ण बैंक दस्तावेजों को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

बाढ़ ने मचाई तबाही, बैंक तक पहुंचना भी बना चुनौती

भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने नेपाल के कई इलाकों को उफान पर ला दिया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तेज धारा के कारण सड़कें और आसपास के इलाके जलमग्न हो गए। कई स्थानों पर बाढ़ के पानी और मलबे ने राहत और बचाव कार्यों में बाधा उत्पन्न की। इस त्रासदी के बीच, त्रिशुली स्थित एक बैंक शाखा में करोड़ों रुपये की संपत्ति को सुरक्षित निकालना भी प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया। बैंक शाखा के जलमग्न होने के बाद सबसे बड़ी चिंता वहां रखे सोने, नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सुरक्षा थी। बचाव दल ने अपनी जान जोखिम में डालकर बैंक के अंदर अभियान चलाया और एक-एक करके कीमती सामान सुरक्षित निकाला। आठ घंटे के अभियान के बाद, करोड़ों रुपये की संपत्ति सुरक्षित निकाले जाने पर बैंक अधिकारियों और प्रशासन ने राहत की सांस ली। हालांकि, भोटेकोशी की बाढ़ ने नेपाल में प्राकृतिक आपदा के दौरान होने वाले भारी नुकसान और बचाव अभियानों की चुनौती को एक बार फिर सामने ला दिया है।

नेपाल में बाढ़ से 781 लोगों की मौत, 9,435 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने पिछले पांच दिनों से देश में व्याप्त विनाशकारी प्राकृतिक आपदा के मद्देनजर जारी राहत, बचाव और पुनर्वास प्रयासों की विस्तृत जानकारी साझा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से हुए जानमाल के नुकसान का सटीक आकलन करना अभी भी चुनौतीपूर्ण है। प्रतिकूल मौसम, दुर्गम भूभाग और लगातार बढ़ते खतरों के बावजूद, सरकार नागरिकों की जान बचाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है।

प्रधानमंत्री शाह के अनुसार, अब तक हवाई और सड़क मार्ग से 9,435 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। रविवार को 72 उड़ानों सहित कुल 394 राहत और बचाव उड़ानें संचालित की गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के 20,618 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।

नेपाल सेना के हेलीकॉप्टरों ने जलविद्युत परियोजना क्षेत्रों से 279 लोगों को बचाया है। भारतीय विशेषज्ञों की एक टीम की मदद से, रसुवा में ऊपरी त्रिशुली-1 परियोजना के आसपास दो दिनों में 250 लोगों को बचाया गया। भारत के अलावा, चीनी और कोरियाई विशेषज्ञ टीमें भी नेपाल सेना के साथ मिलकर बचाव अभियान चला रही हैं। भारतीय टीम सुरंग के अंदर लगभग तीन किलोमीटर तक खोज कर रही है। (एजेंसी)

 

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