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आसाराम बापू की बढ़ीं मुश्किलें! पैरोल खत्म होने के बाद जोधपुर जेल लौटने में क्यों हुई देरी?

जोधपुर: नाबालिग छात्रा से बलात्कार के आरोप में सजा काट रहे आसाराम एक बार फिर मुश्किल में फंस गए हैं। रातानाडा पुलिस स्टेशन ने उनके खिलाफ जेल अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है क्योंकि 20 दिन की मेडिकल पैरोल खत्म होने के बाद वे समय पर जोधपुर जेल नहीं पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, आसाराम को मंगलवार शाम 5 बजे तक जोधपुर सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पण करना था, लेकिन वे रात करीब 10:40 बजे एयर एम्बुलेंस से इंदौर से जोधपुर पहुंचे।

जेल गार्ड बनवारीलाल की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने निर्धारित समय के बाद हुई गिरफ्तारी के संबंध में मामला दर्ज किया है। रातानाडा पुलिस स्टेशन ने 27 अक्टूबर, 2026 को दर्ज किए गए मामले संख्या 206/26 में कारागार अधिनियम की धारा 58बी के तहत कार्रवाई की है। सहायक सब-इंस्पेक्टर भवानी सिंह इस मामले की जांच कर रही हैं।

आपको बता दें कि नाबालिग छात्रा से बलात्कार के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम मंगलवार देर रात पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद एयर एम्बुलेंस से उज्जैन से जोधपुर लौटे। हालांकि, देर रात होने के कारण उन्हें जेल में भर्ती नहीं किया गया। उन्हें भगत की कोठी स्थित अस्पताल ले जाया गया। 6 अक्टूबर को उच्च न्यायालय के आदेश पर आसाराम को 20 दिन की पैरोल पर रिहा किया गया था, जिसकी अवधि मंगलवार को समाप्त हो गई।

एयर एम्बुलेंस से आसाराम को लाया गया था जोधपुर

आसाराम के वकील ने उनकी पैरोल की अवधि बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पैरोल देने से इनकार कर दिया और उन्हें शाम तक जोधपुर जेल में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया। खराब स्वास्थ्य के कारण आसाराम को उज्जैन के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आदेश के बाद, आसाराम को उसी रात एयर एम्बुलेंस से जोधपुर हवाई अड्डे लाया गया, जहां से वे रात 10:30 बजे जोधपुर जेल पहुंचे।

आसाराम को ​जेल में नहीं मिल पाया प्रवेश

लेकिन, रात होने से जेल प्रशासन ने आसाराम को जेल में प्रवेश नहीं दिया। ऐसे में अधिवक्ता व अन्य आसाराम को निजी अस्पताल ले गए। अब संभवतः बुधवार को आसाराम को जेल लाया जाएगा।

आसाराम केस में अब तक

अगस्त 2013: जोधपुर स्थित आश्रम में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आसाराम को गिरफ्तार किया गया।
25 अप्रैल 2018: जोधपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने आसाराम को दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
जनवरी 2025: सुप्रीम कोर्ट की शर्तों के तहत आसाराम को पहली बार अंतरिम मेडिकल जमानत मिली।
27 अगस्त 2025: राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की जमानत अवधि बढ़ाने संबंधी याचिका खारिज कर दी।
29 अक्टूबर 2025: राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम को छह महीने की अंतरिम मेडिकल जमानत मंजूर की।
6 नवंबर 2025: गुजरात हाईकोर्ट ने भी आसाराम को छह महीने की अंतरिम जमानत दी।
8 दिसंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द करने की याचिका खारिज कर दी। साथ ही, हाईकोर्ट को तीन महीने के भीतर अपील का निपटारा करने का निर्देश दिया।
15 अप्रैल 2026: आसाराम की ओर से मेडिकल आधार पर जमानत की अवधि बढ़ाने के लिए अर्जी दायर की गई।
16 अप्रैल 2026: कोर्ट ने मामले में जल्द सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
17 अप्रैल 2026: सजा स्थगित करने की अपील पर आसाराम की ओर से बहस पूरी हुई।
20 अप्रैल 2026: पीड़िता पक्ष की बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया।
27 मई 2026: राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी।
6 अक्टूबर 2026: राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम को 20 दिन की पैरोल पर रिहा करने के निर्देश दिए। पैरोल की अवधि 26 अक्टूबर को समाप्त हो गई, जिसके बाद उन्हें 27 अक्टूबर को शाम 5 बजे तक सरेंडर करने के ​आदेश दिए। लेकिन, रात 10.30 बजे जोधपुर जेल पहुंचने के कारण प्रवेश नहीं मिल पाया।(एजेंसी)

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