‘इस्लाम कुबूल कर लूंगा’ कहकर रो पड़े थे आकाश अग्रवाल, अब MLC चुनाव में दर्ज की जीत
Uttar Pradesh MLC Elections: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार डॉ. आकाश अग्रवाल ने आगरा मंडल के शिक्षक विधायक पद से जीत हासिल की है। पहले चरण के मतदान के दौरान आकाश अग्रवाल कैमरों के सामने भावुक होकर रो पड़े। उन्होंने अपने परिवार और समर्थकों के उत्पीड़न का आरोप लगाया और यहां तक कि धर्म परिवर्तन करने की धमकी भी दी। दूसरे वरीयता वाले मतदान में लगभग 3,700 वोटों की बढ़त के साथ अग्रवाल ने जीत का आंकड़ा पार कर लिया।
आगरा मंडल के शिक्षक एमएलसी सीट के लिए मतगणना के दौरान, सपा उम्मीदवार डॉ. आकाश अग्रवाल ने लगभग 3,700 वोटों की बढ़त हासिल कर ली। उनके अनुसार, उन्हें दूसरी वरीयता के 50 प्रतिशत से एक वोट अधिक मिला, जिससे उन्हें जीत के लिए आवश्यक वोट मिल गए। मतगणना के दूसरे चरण के अंतिम भाग में हंगामा और हाथापाई हुई। आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि यह विवाद भाजपा उम्मीदवार द्वारा शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि मतगणना कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरे पूरी घटना की सच्चाई उजागर कर सकते हैं।
आकाश का कहना है कि फुटेज से पता चलेगा कि लड़ाई किसने शुरू की और किस पर हमला हुआ। पिछले चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी जीत के बाद भी तत्कालीन भाजपा उम्मीदवार ने संभागीय आयुक्त पर रिश्वतखोरी का आरोप लगाया था। आकाश अग्रवाल ने कहा कि अगर उनकी जीत का अंतर 300 से 400 वोटों का भी होता, तो भी ऐसे ही आरोप लगते।
योगेंद्र उपाध्याय के बयान पर आकाश का जवाब
मतगणना विवाद के साथ-साथ आकाश अग्रवाल का एक और बयान चर्चा में है। उन्होंने कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की वेश्यावृत्ति और सती प्रथा पर की गई टिप्पणी का करारा जवाब दिया है। किसी का नाम लिए बिना आकाश ने कहा कि जिन लोगों ने 15 साल पहले वैगनआर कारों में शपथ ली थी, आज गोवा में उनके पास 100 करोड़ रुपये के होटल हैं। उन्होंने सरकारी नौकरियों को लेकर भी सवाल उठाए। आकाश ने दावा किया कि 2017 के बाद प्रदेश में किस परिवार के लोगों को सरकारी नौकरियां मिलीं, इस पर बात होनी चाहिए। उन्होंने एक घर में चार-चार सरकारी नौकरियां लगने का भी जिक्र किया।
आकाश ने कहा कि वह किसी की निजी पहचान पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, क्योंकि वह और संबंधित व्यक्ति एक ही शहर में रहते हैं। लेकिन जब इस तरह की भाषा उनके समुदाय के खिलाफ इस्तेमाल की जाती है, तो उन्हें भी उसी तरह जवाब देना पड़ता है।
मतदान के दिन क्या हुआ था?
आकाश अग्रवाल की चर्चा केवल मतगणना के दौरान हुए हंगामे की वजह से नहीं हो रही है। मतदान के दौरान दिया गया उनका बयान भी इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभा रहा है। मीडिया से बात करते हुए आकाश कैमरे के सामने फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार और समर्थकों को परेशान किया जा रहा है और उनके साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा है जैसे वे पाकिस्तान से आए कोई आतंकवादी हों। आकाश ने प्रशासनिक अधिकारियों और सत्ताधारी पार्टी पर भी आरोप लगाए।
चुनाव के दौरान आकाश अग्रवाल ने घोषणा की थी कि वे अगले महीने लखनऊ जाकर शाही ईदगाह में इस्लाम धर्म अपना लेंगे। उन्होंने कहा था कि एक स्वतंत्र भारत में रहना उनके लिए जीत या हार से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है, और यह उनका अपना निर्णय था कि वे किसी अन्य पार्टी से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने एक अधिकारी पर टिप्पणी करने का आरोप भी लगाया। उनके अनुसार, अधिकारी ने उनसे कहा था कि वे एमएलसी उम्मीदवार हैं, भगवान नहीं। इसके जवाब में आकाश ने कहा, “मैंने अपना खुदा बदल लिया है।”उनका यह बयान उस समय चर्चा में आया था। उनके मुताबिक, वह अपने साथ हुए व्यवहार से नाराज थे और इसी वजह से उन्होंने यह बात कही थी।
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
मतगणना के दौरान उठे विवाद पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “अब भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आगरा से सपा के विजयी एमएलसी उम्मीदवार आकाश अग्रवाल के प्रति उसके लोगों का यह व्यवहार कितना उचित है।” अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और प्रशासन से इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रपति से भी इस मामले पर ध्यान देने का आग्रह किया। (एजेंसी)

