‘सस्ते गैजेट्स से लेकर लाखों नौकरियां!’ भारत में शुरू हुआ चिप्स का व्यावसायिक उत्पादन, जानिए देश को मिलने वाले 5 बड़े लाभ
नई दिल्ली। भारत ने वैश्विक हाई-टेक मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। सेमीकॉन इंडिया के 5वें संस्करण के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया कि भारत चिप डिजाइनिंग के बाद अब कमर्शियल प्रोडक्शन (व्यावसायिक उत्पादन) के स्तर पर पहुंच गया है। मोहाली और सूरत के प्लांट्स से तैयार सेमीकंडक्टर चिप्स अब घरेलू बाजार के साथ-साथ दुनिया भर के ग्राहकों तक भेजी जाने लगी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2022 में नीतियों से शुरू हुआ यह सफर अब वास्तविक उत्पाद और फैक्ट्रियों के रूप में सामने आ चुका है, जो देश के तकनीकी और आर्थिक भविष्य को सुरक्षित करेगा।
चिप क्रांति से देश और आम जनता को क्या होंगे फायदे?
इंजीनियरिंग युवाओं को हाई-सैलरी नौकरियां: देश में चिप डिजाइन और असेंबलिंग यूनिट्स बढ़ने से भारतीय युवाओं के लिए हाई-टेक सेक्टर में रोजगार के अवसर कई गुना बढ़ेंगे। मिशन के तहत 1 लाख इंजीनियरिंग छात्रों को स्किल करने का लक्ष्य है, जिसमें से 70 हजार से ज्यादा को प्रशिक्षित किया भी जा चुका है।
13.5 बिलियन डॉलर का नया निवेश: सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण के लिए 13.5 अरब डॉलर का प्रावधान किया गया है। इससे विदेशी कंपनियों के साथ भारतीय फैबलेस कंपनियों और घरेलू तकनीकी स्टार्टअप्स को भारी प्रोत्साहन और फंडिंग मिलेगी।
सप्लाई चेन के झटकों से सुरक्षा: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संकट के समय जब चिप्स की कमी से ऑटोमोबाइल और मोबाइल उद्योग ठप हो जाते हैं, तब देश में बनने वाली चिप्स भारत की आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करेंगी और बाजार में इलेक्ट्रॉनिक सामानों की कीमतें स्थिर रहेंगी।
केमिकल और मैटेरियल उद्योगों को रफ्तार: सेमीकंडक्टर प्लांट लगने से गैस, स्पेशल केमिकल, टेस्टिंग इक्विपमेंट और पैकेजिंग से जुड़े सहायक उद्योगों का एक विशाल नेटवर्क भारत में तैयार होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर नए उद्योग फलेंगे-फूलेंगे।
मजबूत पावर इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ: एआई और डेटा सेंटर्स के लिए निर्बाध बिजली की जरूरत होती है। भारत ने सौर ऊर्जा क्षमता को 160 गीगावॉट तक पहुंचाकर और परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को खोलकर यह सुनिश्चित किया है कि उत्पादन कभी बाधित न हो।
चुनौतियों के बीच भारत बना दुनिया का भरोसेमंद साझीदार
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि मौजूदा दौर में जब अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, तब एक लोकतांत्रिक और स्थिर राष्ट्र के रूप में भारत की यह तकनीकी सफलता वैश्विक स्तर पर भरोसे का नया आधार बनेगी।

