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Tata Son के चेयरमैन पद पर चंद्रशेखरन की वापसी, बोर्ड ने फिर जताया भरोसा

Tata Group News: टाटा संस की बोर्ड बैठक से बड़ी खबर सामने आई है। टाटा संस ने एन. चंद्रशेखरन को कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में पुनः नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। पिछले महीने उन्होंने पुनः नियुक्ति के लिए आवेदन न करने का निर्णय लिया था, लेकिन अब उन्होंने अपना निर्णय बदल दिया है। एन. चंद्रशेखरन को टाटा संस के अध्यक्ष के रूप में पांच साल के कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त किया गया है। नोएल टाटा को छोड़कर टाटा समूह के सभी बोर्ड सदस्यों ने चंद्रशेखरन को पांच साल के कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त करने के पक्ष में मतदान किया। नोएल टाटा ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया।

बोर्ड की मंजूरी के साथ, चंद्रशेखरन अब अगले पांच वर्षों तक इस पद पर बने रह सकते हैं। उनका पुन: चुनाव तब हुआ है जब उन्होंने पिछले महीने ही अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि समूह के नेतृत्व को लेकर स्पष्टता का अभाव था, जो कि एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। परिणामस्वरूप, वे इस पद पर बने रहना नहीं चाहते थे। वहीं ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड ने टाटा संस को पब्लिक करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह घटना चंद्रशेखरन द्वारा नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक के कारोबार करने वाली कंपनी टाटा संस में तीसरे कार्यकाल के लिए उम्मीदवार न बनने की घोषणा के लगभग एक महीने बाद सामने आया है।

चंद्रशेखरन ने क्‍या कहा था?

एक महीने पहले, चंद्रशेखरन ने पुनर्नियुक्ति के लिए आवेदन न करने का निर्णय घोषित किया था। उन्होंने कहा था कि फरवरी में हुई बोर्ड बैठक के दौरान टाटा संस के एक बोर्ड सदस्य ने उनके पांच साल के कार्यकाल विस्तार का समर्थन नहीं किया था। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने बोर्ड बैठक से पहले सर्वसम्मति से कार्यकाल विस्तार की सिफारिश की थी। उन्होंने कहा कि लगभग 6 महीने बीत जाने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला है, और यह भी बताया कि ऐसे समय में जब रणनीतिक परियोजनाएं नाजुक दौर में हैं, लीडरशिप को लेकर स्पष्टता की आवश्यकता है।

बोर्ड की मीटिंग में क्‍या हुआ?

सूत्रों के अनुसार, टाटा संस के बोर्ड ने गुरुवार को एन चंद्रशेखरन को तीसरी बार पांच साल के कार्यकाल के लिए अध्यक्ष नियुक्त करने के पक्ष में मतदान किया। पिछले महीने, चंद्रशेखरन ने निदेशकों को बताया था कि उन्हें तीसरे कार्यकाल की आवश्यकता नहीं है। सूत्रों ने बताया, “बोर्ड सदस्यों का तर्क था कि नेतृत्व में निरंतरता से लिस्टिंग प्रक्रिया से पहले संभावित निवेशकों को भरोसा मिलेगा। जब कोई कंपनी आईपीओ लॉन्च करती है, तो संभावित निवेशक प्रबंधन में निरंतरता का आश्वासन चाहते हैं।” नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति 63 वर्षीय चंद्रशेखरन से अगस्त में बोर्ड को सूचित किए गए निर्णय पर पुनर्विचार करने को कहेगी। यह निर्णय आरबीआई के आदेश से पहले और कंपनी के नियामक मार्ग के बारे में अलग-अलग धारणाओं के आधार पर लिया गया था। सूत्रों ने बताया कि चंद्रशेखरन का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव बहुमत से पारित हो गया था।

चंद्रशेखरन ने पिछले महीने दिया था इस्‍तीफा

चंद्रशेखरन ने पिछले महीने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका वर्तमान कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त हो रहा है। अब, बोर्ड के निर्णय के अनुसार, वे फरवरी 2032 तक इस पद पर बने रह सकते हैं। चंद्रशेखरन 1987 में टाटा समूह में शामिल हुए थे। बाद में वे 2009 में टीसीएस के सीईओ बने और 2017 में टाटा संस के अध्यक्ष का पदभार संभाला। (एजेंसी)

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