झारखंड हाईकोर्ट के फैसले से नाराज छात्र, 24 जिलों में सीएम हेमंत सोरेन का फूंकेंगे पुतला
Jharkhand Student Protest: झारखंड में सरकारी नौकरी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। हाईकोर्ट के नवीनतम फैसले के बाद छात्रों में आक्रोश बढ़ गया है। JPSC-JSSC सुधार मंच ने घोषणा की है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला आज, 21 अगस्त को राज्य के सभी 24 जिलों में जलाया जाएगा। छात्रों का आरोप है कि सरकार ने उनकी मांगों को सुनने और कार्रवाई करने का वादा करके उनके विरोध प्रदर्शन को रोक दिया था। हालांकि, अब जब सरकार का पक्ष अदालत में पेश हो चुका है, तो उन्हें लगता है कि उनके भरोसे को तोड़ा गया है। परिणामस्वरूप, छात्र एक बार फिर विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं।
जानिए हाईकोर्ट के फैसले से क्यों नाराज हैं छात्र?
यह पूरा मामला सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। छात्रों ने शिकायत की कि कुछ परीक्षाओं में नियमों का ठीक से पालन नहीं किया गया और इसकी जांच होनी चाहिए। इसी बीच, झारखंड सरकार ने कई परीक्षाओं और उनसे संबंधित नियुक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें 11वीं और 13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षाओं के माध्यम से की गई नियुक्तियां भी शामिल हैं।लेकिन 20 अगस्त को झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार के इस फैसले पर अस्थायी रोक लगा दी। न्यायालय ने राज्य सरकार और जेपीएससी से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। यह फैसला छात्रों के लिए चिंता का विषय बन गया है। उनका सवाल है कि अगर सरकार ने जांच के आधार पर भर्ती रद्द करने का फैसला किया, तो अदालत में इसका जोरदार बचाव क्यों नहीं किया गया?
26 दिन तक चला था छात्रों का आंदोलन
इस मुद्दे को समझने के लिए थोड़ा पीछे जाना आवश्यक है। JPSC-JSSC सुधार मंच के बैनर तले छात्रों ने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगभग 26 दिनों तक धरना दिया। छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। विरोध प्रदर्शन के दौरान, सरकार ने कई परीक्षाओं के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा की। सरकार की ओर से 22 परीक्षाएं रद्द करने, छह परीक्षाओं की प्रक्रिया रोकने और 17 परीक्षाओं में संभावित गड़बड़ी की जांच की बात कही गई थी। इसके बाद छात्रों ने अपना आंदोलन कुछ समय के लिए रोक दिया था। उन्हें उम्मीद थी कि सरकार आगे भी उनकी मांगों पर कार्रवाई करेगी।
अब फिर सड़क पर उतरेंगे छात्र?
हाईकोर्ट के फैसले के बाद छात्रों का गुस्सा फिर से भड़क उठा है। मंच का कहना है कि विरोध प्रदर्शन समाप्त करने के संबंध में सरकार के आश्वासन टूटते प्रतीत हो रहे हैं। हालांकि, यह हाईकोर्ट का अंतिम निर्णय नहीं है। न्यायालय ने फिलहाल सरकारी आदेश पर रोक लगा दी है और सरकार तथा जेपीएससी से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है, क्योंकि 24 जिलों में मुख्यमंत्री का पुतला जलाने की घोषणा की गई है। अब देखना यह होगा कि सरकार छात्रों को शांत करने की कोशिश करेगी या आने वाले दिनों में आंदोलन और भी उग्र हो जाएगा।(एजेंसी)

