22 भर्ती परीक्षाएं रद्द होते ही मचा बवाल, सफल अभ्यर्थियों ने रांची सचिवालय में किया घेराव
रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। राज्य सरकार के 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले के बाद सफल और चयनित अभ्यर्थियों ने विरोध शुरू कर दिया। बुधवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची स्थित राज्य सचिवालय पहुंच गए और परीक्षा रद्द करने के आदेश को वापस लेने की मांग की।
सरकार के फैसले से उन अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने इन परीक्षाओं में सफलता हासिल करने के बाद विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्ति पाई है।
22 परीक्षाएं रद्द करने के फैसले से नाराजगी
झारखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी की भूमिका को देखते हुए 22 परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही कुछ अन्य परीक्षाओं की जांच कराने का फैसला भी लिया गया है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और युवाओं का भरोसा कायम करने के लिए यह कदम जरूरी था।
सचिवालय पहुंचे चयनित अभ्यर्थी
परीक्षाएं रद्द होने की खबर सामने आने के बाद सफल अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई। बुधवार को बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थी सचिवालय परिसर पहुंच गए।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक मेहनत करके परीक्षा पास की और मेरिट के आधार पर नौकरी हासिल की। यदि परीक्षा प्रक्रिया में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच की जानी चाहिए, लेकिन उसकी सजा सफल अभ्यर्थियों को देना उचित नहीं है।
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नौकरी और भविष्य को लेकर चिंता
चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने के बाद उनके सामने नौकरी और भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। उनका सवाल है कि अगर किसी एजेंसी या परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों ने नियमों का उल्लंघन किया है तो दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।अभ्यर्थियों ने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पहले से चयनित उम्मीदवारों के हित में समाधान निकालने की मांग की है।
सरकार ने पारदर्शिता का दिया भरोसा
राज्य सरकार का पक्ष है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार ने कथित अनियमितताओं की जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम उठाने की बात कही है। सरकार का कहना है कि भविष्य में होने वाली भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया जाएगा।
अब आगे क्या होगा?
22 परीक्षाओं को रद्द किए जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल चयनित अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर है। सरकार की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल सफल अभ्यर्थियों का आंदोलन सरकार के लिए नई चुनौती बन गया है। एक तरफ परीक्षा में कथित धांधली की जांच की मांग है, वहीं दूसरी ओर सफल उम्मीदवार अपने चयन और नौकरी को सुरक्षित रखने की मांग कर रहे हैं।

