अरुणाचल में 60km चीनी घुसपैठ का दावा फर्जी, किरेन रिजिजू ने खोली ‘फेक वीडियो’ की पोल
नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के 60 किलोमीटर अंदर तक घुसपैठ करने के दावों को भारत सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया है कि चीन ने भारत के किसी भी गांव पर कब्जा नहीं किया है और सोशल मीडिया पर चल रहे दावे पूरी तरह से भ्रामक हैं।
क्यों उठ रहे हैं घुसपैठ के दावे?
फेक वीडियो की साजिश: रिजिजू ने बताया कि सेना का मनोबल गिराने और देश में भ्रम फैलाने के लिए सोशल मीडिया पर बांग्लादेश व अन्य जगहों के फेक वीडियो शेयर किए जा रहे हैं।
सीमांकन का पेंच: विवाद की असली वजह घुसपैठ नहीं, बल्कि सीमा का निर्धारित (Undemarcated) न होना है। सीमा तय न होने के कारण दोनों तरफ के लोग जमीनों पर अपना दावा करते हैं, जिसका फायदा उठाकर चीन कुछ इलाकों पर नजर गड़ाए रहता है।
भारत का चीन को कड़ा जवाब
इन अफवाहों के बीच भारत ने सीमा पर सेना और ITBP की गश्त काफी बढ़ा दी है। इसके साथ ही, चीन की उकसावे वाली हरकतों का कूटनीतिक जवाब देते हुए भारत ने अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों को ‘सर्वे ऑफ इंडिया’ के आधिकारिक नक्शे पर भारतीय नामों से मान्यता दे दी है। विदेश मंत्रालय ने ड्रैगन को सख्त संदेश देते हुए कहा है कि अरुणाचल हमेशा भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग रहेगा।

