नगरीय निकायों में CPCT अनिवार्य! 30 दिन में परीक्षा पास न करने पर रुकेगी कर्मचारियों की सैलरी
भोपाल। मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में डिजिटल कामकाज को रफ्तार देने और व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है। राज्य के सभी नगर निगमों, नगर पालिकायों और नगर परिषदों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों एवं संबंधित कर्मचारियों के लिए अब सीपीसीटी और साइबर सुरक्षा कोर्स पास करना अनिवार्य कर दिया गया है।
इस संबंध में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की अपर आयुक्त मिशा सिंह की ओर से आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। नए नियमों के लागू होने के बाद निकायों में बिना ट्रेनिंग प्राप्त कंप्यूटर ऑपरेटरों की सेवाएं नहीं ली जा सकेंगी।
30 दिनों की मोहलत, वेतन पर लग सकती है रोक
प्रशासन ने कर्मचारियों को अपनी कार्यकुशलता साबित करने के लिए समय-सीमा निर्धारित कर दी है। सभी संबंधित कर्मचारियों को सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण करने और साइबर सुरक्षा कोर्स पूरा करने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया है।
दिए गए तय समय में कोर्स पूरा न करने पर कर्मचारियों के मानदेय और वेतन भुगतान पर रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
विभाग का स्पष्ट कहना है कि निकायों में सभी नागरिक सेवाएं व ऑनलाइन कार्य बिना रुकावट और साइबर सुरक्षा के साथ संचालित हों, इसके लिए कर्मचारियों का तकनीकी रूप से दक्ष होना बेहद जरूरी है।
विरोध प्रदर्शन के बाद भी सख्त रुख
उल्लेखनीय है कि इस अनिवार्यता को लेकर कर्मचारी संगठनों में पहले से ही विरोध का माहौल रहा है। कर्मचारी इस फैसले के खिलाफ प्रदर्शन कर चुके हैं, यहाँ तक कि विरोध जताने के लिए दो कर्मचारियों ने सांकेतिक रूप से अपना मुंडन भी करवाया था। हालांकि, प्रशासनिक कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने का हवाला देते हुए विभाग ने इस आदेश को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है।

