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Independence Day 2026: “पहली पंक्ति का था हक, फिर भी खाली रही कुर्सी!” लाल किले पर राहुल-खरगे की अनुपस्थिति पर विवाद तेज

नई दिल्ली। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान विपक्ष के शीर्ष नेताओं की गैरमौजूदगी ने एक बार फिर सियासी हलचल बढ़ा दी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार दूसरे साल लाल किले पर आयोजित मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए।गौरतलब है कि आधिकारिक ‘टेबल ऑफ प्रेसीडेंस’ के अनुसार, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों के ठीक बाद अग्रिम पंक्ति में बैठने का स्थान दिया जाता है। इसके बावजूद दोनों प्रमुख विपक्षी नेताओं की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है।

2024 में ‘सिटिंग अरेंजमेंट’ को लेकर हुआ था बड़ा विवाद

लाल किले के समारोह से दूरी बनाने के पीछे 2024 में हुए विवाद को मुख्य कारण माना जा रहा है:

विपक्ष का आरोप: स्वतंत्रता दिवस 2024 समारोह के दौरान राहुल गांधी को तय प्रोटोकॉल के विपरीत दूसरी आखिरी पंक्ति में बैठाया गया था, जिसे विपक्ष ने जनता और नेता प्रतिपक्ष के पद का अपमान बताया था।

रक्षा मंत्रालय की सफाई: कार्यक्रम के आयोजक रक्षा मंत्रालय ने तब सफाई दी थी कि पेरिस ओलंपिक 2024 से लौटे भारतीय एथलीटों को पहली पंक्ति में जगह देने और सम्मानित करने के कारण बैठने के क्रम में अस्थायी बदलाव किया गया था।

मानसून सत्र के तीखे तनाव की पृष्ठ भूमि

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का लाल किले के कार्यक्रम से दूर रहना हाल ही में संपन्न हुए संसद के मानसून सत्र (2026) के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच उपजे तीखे तनाव की कड़ी के रूप में भी देखा जा रहा है।सत्र के दौरान 12 बिल पास तो हुए, लेकिन हंगामे और गतिरोध के चलते दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर सदन का कामकाज बाधित करने के आरोप लगाए।

सत्र समापन के बाद भी तल्खी कम नहीं हुई, जहाँ कांग्रेस, टीएमसी (TMC) और समाजवादी पार्टी (SP) सहित पूरे विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला द्वारा आयोजित पारंपरिक ‘चाय पार्टी’ (Tea Meeting) का भी बहिष्कार कर दिया था।

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