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हाथों में तिरंगा, आँखों में अंधेरा: सिंगरौली में चिलचिलाती धूप में अचानक क्यों बेहोश होकर गिरने लगीं दर्जनों छात्राएं? मची चीख-पुकार!

सिंगरौली (चितरंगी)। सिंगरौली जिले में ‘हर घर तिरंगा’ यात्रा के दौरान प्रशासनिक संवेदनहीनता का दिल दहला देने वाला दृश्य देखने को मिला। चितरंगी में भाजपा द्वारा आयोजित इस यात्रा में शामिल शासकीय विद्यालय की कई दर्जन छात्राएं चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के चलते सड़क पर ही बेहोश होकर गिरने लगीं। छात्राओं के अचानक बेसुध होने से यात्रा में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह पूरी घटना सूबे की राज्यमंत्री राधा सिंह की मौजूदगी में घटी।

धूप और प्यास से तड़पीं बच्चियां, एक-एक कर होती गईं बेसुध

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जिस वक्त यात्रा निकाली गई, उस समय दोपहर की तेज धूप अपने चरम पर थी। बताया जा रहा है कि लंबी दूरी तय करने के दौरान छात्राओं के लिए पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं थी। जिससे डिहाइड्रेशन और असहनीय गर्मी के कारण कई बच्चियों के आंखों के आगे अंधेरा छा गया और वे सड़क पर ही गिरकर अचेत हो गईं। चौंकने वाली बात यह है कि इतनी भारी संख्या में बच्चों की मौजूदगी के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की न कोई एम्बुलेंस थी और न ही कोई मेडिकल टीम मौके पर मौजूद थी। स्थानीय लोगों और शिक्षकों ने किसी तरह बच्चों को छांव में लिटाकर पानी के छींटे मारे और स्थिति को संभाला।

अभिभावकों का फूटा गुस्सा: ‘भीड़ बढ़ाने के लिए बच्चियों की जान जोखिम में क्यों?’

इस घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने सीधा आरोप लगाया है कि प्राइवेट स्कूलों ने इस भीषण गर्मी को देखते हुए रैली से दूरी बना ली, लेकिन सरकारी स्कूलों की गरीब बच्चियों को इस चिलचिलाती धूप में चलने के लिए मजबूर किया गया।
मंत्री और प्रशासन की मौजूदगी में हुए इस हादसे ने सुरक्षा और व्यवस्था के तमाम दावों की पोल खोल कर रख दी है।

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