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देशभर में लागू हुआ नया एंटी-पेपर लीक कानून, राष्ट्रपति मुर्मू ने बिल को दी मंजूरी

Public Examinations Amendment Act 2026: सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और गड़बड़ियों को रोकने के लिए लाया गया ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ अब कानून बन गया है। संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी। कानून मंत्रालय ने शुक्रवार को एक राजपत्र अधिसूचना (गजट नोटिफिकेशन) जारी कर इसकी घोषणा की। नए कानून के तहत पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के लिए पहले से अधिक सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य छात्रों के भविष्य की रक्षा करना और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाना है।

संसद के दोनों सदनों से मिला था समर्थन

यह संशोधन विधेयक सबसे पहले लोकसभा में पारित हुआ। इसके बाद, 30 जुलाई को राज्यसभा ने भी इसे मंजूरी दे दी। दोनों सदनों से पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद, अब यह कानून बन गया है।

क्या हैं नए कानून के प्रावधान?

संशोधित कानून के तहत, अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक परीक्षा का पेपर लीक करता है या परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों का इस्तेमाल करते हुए दोषी पाया जाता है, तो उसे 5 से 10 साल की जेल और 50 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं, यदि पेपर लीक किसी संगठित गिरोह या नेटवर्क की ओर से किया जाता है, तो दोषियों को कम से कम 7 साल की जेल होगी। इसके अलावा 10 करोड़ रुपये या उससे अधिक का जुर्माना भी लगाया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि इन कड़े प्रावधानों का मकसद पेपर लीक माफिया पर लगाम लगाना है।

पीएम मोदी ने क्या कहा था?

संसद से विधेयक पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो मैसेज में कहा कि पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाने का अहम काम पूरा हो गया है। उन्होंने बताया कि सरकार परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। साथ ही, ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं जिनसे यह पक्का किया जा सके कि कोई भी पेपर-लीक माफिया छात्रों के भविष्य को खतरे में न डाल सके।

सरकार ने बताया छात्रों के हित में बड़ा कदम

केंद्र सरकार का कहना है कि यह संशोधन सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए लाया गया है। सरकार के अनुसार, नया कानून परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाएगा और पेपर लीक जैसी घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोकने में मदद करेगा। (एजेंसी)

 

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