TET पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई, मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता बिहार से गिरफ्तार
Maharashtra TET Paper Leak: दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध-प्रदर्शन और देशभर में छात्रों के गुस्से के बीच, महाराष्ट्र पुलिस ने बिहार से पेपर लीक के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने TET पेपर लीक के कथित मास्टर माइंड बिजेंद्र गुप्ता को पकड़ा है। वह महीनों से फरार चल रहा था। PM मोदी की सख्त कार्रवाई की अपील के बीच, इसे महाराष्ट्र पुलिस की एक बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है। TET पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता को ठाणे पुलिस ने शनिवार सुबह बिहार से गिरफ्तार किया।
1.5 करोड़ में पेपर बेचने की थी साजिश
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में TET परीक्षा 28 जून को होनी थी। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले प्रश्न-पत्र लीक हो गया। जांच के दौरान, पुलिस ने भिवंडी में 1.5 करोड़ में प्रश्न-पत्र बेचने की साजिश का पर्दाफाश किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से प्रश्न-पत्रों के चार सेट बरामद किए गए।
बिजेंद्र की पत्नी सहित कई आरोपी पहले से गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, गुप्ता महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में वांछित थे। SIT ने इससे पहले इस मामले में उनकी पत्नी सुमन गुप्ता को गिरफ्तार किया था। उन पर रैकेट से हुई कमाई को संभालने और गुप्ता को गिरफ्तारी से बचने में मदद करने का आरोप था। पुलिस ने गुप्ता के खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर भी जारी किया था, जो उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा में परीक्षा पेपर लीक मामलों में भी आरोपी हैं।वह ओडिशा मामले में जमानत पर बाहर थे। इस हफ्ते की शुरुआत में, महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने आरोप लगाया कि मुख्य साजिशकर्ता गुप्ता ने आगरा की एक प्रिंटिंग प्रेस के दो कर्मचारियों को जमीन का एक-एक प्लॉट देने का लालच देकर परीक्षा के पेपर लीक करने के लिए राजी किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले में कई अन्य आरोपियों जिनमें बिजेंद्र कुमार गुप्ता की पत्नी भी शामिल हैं-को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। हालांकि, मुख्य आरोपी पुलिस से बचकर फरार रहने में कामयाब रहा था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद, जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है।
बिहार सहित अन्य राज्यों में चल रही थी तलाश
पुलिस के अनुसार, बिजेंद्र कुमार गुप्ता कई महीनों से गिरफ्तारी से बच रहा था। उसे पकड़ने के लिए बिहार समेत कई राज्यों में लगातार ऑपरेशन चलाए जा रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी से जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद है और इससे पेपर लीक रैकेट से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में भी मदद मिल सकती है।
कैसे लीक हुआ था पेपर?
जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि गुप्ता ने उन दोनों लोगों को प्रश्न पत्रों की प्रतियां बाहर निकालने से पहले ‘शराब पार्टी’ के लिए 8,000-8,000 रुपये दिए थे। पुलिस के मुताबिक, बाबूलाल कुशवाहा और नरेश कुमार ने प्रिंटिंग प्रेस में सुरक्षा की कमियों का फायदा उठाकर TET प्रश्न पत्रों के सभी के चारों सेट चुरा लिए, इससे पहले कि उन्हें महाराष्ट्र भेजा जाता।इसके बाद कथित तौर पर पेपर गुप्ता को उसके नेटवर्क के माध्यम से सौंप दिए गए।
28 जून को हुआ था पेपर लीक
जांच में यह भी पता चला कि गुप्ता ने गिरफ्तार आरोपी कपिल दहिया के जरिए पुणे के एक व्यक्ति को लीक हुआ पेपर बेचने का सौदा किया था। वह व्यक्ति अभी भी फरार है। पुलिस ने बताया कि संदिग्ध लगभग 50 ऐसे शिक्षक उम्मीदवारों के संपर्क में था जो 28 जून को होने वाली परीक्षा से पहले लीक हुआ प्रश्न-पत्र खरीदना चाहते थे। परीक्षा से एक दिन पहले भिवंडी जोन के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस पवन बंसोड़ को मिली सूचना के बाद इस कथित लीक को नाकाम कर दिया गया। (एजेंसी )

