एमपी विधानसभा में हंगामा: ‘कीड़ा’ विवाद पर घमासान, GST और मेडिकल यूनिवर्सिटी संशोधन विधेयक पास
मध्य प्रदेश विधानसभा में जीएसटी संशोधन और आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पारित हुए। वहीं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के कथित ‘कीड़ा’ बयान को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
MP Assembly Session: मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। इस दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के कथित ‘कीड़ा’ और ‘कॉकरोच’ बयान को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने मंत्री से माफी की मांग की, जबकि सरकार ने आरोपों को निराधार बताते हुए उनका बचाव किया।
सदन में मध्य प्रदेश माल एवं सेवा कर (GST) संशोधन विधेयक 2026 सर्वसम्मति से पारित किया गया। उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि वर्ष 2016 में जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों और करदाताओं की सुविधा के लिए समय-समय पर संशोधन किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नए संशोधन से पोस्ट सेल डिस्काउंट के लिए अलग-अलग अनुबंध की आवश्यकता समाप्त होगी और अब सप्लायर केवल क्रेडिट नोट जारी कर सकेगा।
उन्होंने कहा कि रिफंड प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है। पहले निर्यातकों को 90 प्रतिशत प्रोविजनल रिफंड 60 दिनों में मिलता था, जिसे अब सात दिनों के भीतर जारी करने का प्रावधान किया गया है। साथ ही एक हजार रुपये तक के रिफंड को भी स्वीकृति देने का प्रावधान किया गया है, जिससे छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
सदन में मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक भी पारित किया गया। स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 13 जिलों में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। आयुर्वेद और होम्योपैथिक कॉलेजों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में एमबीबीएस की लगभग 5200 सीटें हैं, जिन्हें भविष्य में 10 हजार तक बढ़ाने की योजना है। वहीं पीजी सीटों में भी वृद्धि की जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी दूर हो सके।
विधानसभा में सबसे ज्यादा हंगामा मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के कथित बयान को लेकर हुआ। विपक्ष ने आरोप लगाया कि उन्होंने छात्रों को ‘कीड़ा’ और ‘कॉकरोच’ कहा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्री से माफी की मांग की और सदन में पोस्टर की तस्वीरें भी दिखाईं। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने पूरे मामले की रिकॉर्डिंग देखने की बात कही।
कैलाश विजयवर्गीय ने सदन में कहा कि उन्होंने छात्रों के लिए ‘कीड़ा’ या ‘कॉकरोच’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यदि रिकॉर्ड में ऐसा साबित हो जाए तो वह जवाब देने के लिए तैयार हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने भी कहा कि रिकॉर्ड की जांच में ऐसा कोई शब्द सामने नहीं आया है और सभी सदस्यों को सदन की गरिमा बनाए रखने का ध्यान रखना चाहिए।
इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला और मंत्री प्रह्लाद पटेल ने भी कैलाश विजयवर्गीय का समर्थन किया। वहीं कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर तीखे आरोप लगाए। बहस और हंगामे के बीच मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन विधेयक 2026 भी सदन से पारित कर दिया गया।

