PM मोदी ने विक्रम-1 लॉन्च टीम को दी बधाई, ‘वंदे मातरम’ कार्ड भेजने की बताई वजह
Vikram-1 Launch: भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट ‘विक्रम-1’ आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया है। विक्रम-1 ने दोपहर 12:05 बजे अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी और सफलतापूर्वक अपनी तय कक्षा (ऑर्बिट) में पहुंच गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कामयाबी के लिए स्काईरूट एयरोस्पेस को फोन पर बधाई दी। खास बात यह है कि रॉकेट अपनी पहली ही कोशिश में सफल रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘वंदे मातरम’ संदेश भेजने की वजह भी बताई, जिसे रॉकेट के साथ अंतरिक्ष में भेजा गया है।

पीएम मोदी ने भेजा ‘वंदे मातरम’ का मैसेज
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान स्काईरूट के फाउंडर पवन कुमार चंदना को बधाई दी। जब चंदना ने पूछा कि उन्होंने खास तौर पर “वंदे मातरम” का मैसेज क्यों भेजा, तो प्रधानमंत्री मोदी ने बताया, “इसके पीछे एक खास वजह है। चूंकि हमारा देश ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है, इसलिए मैंने इस मौके को ध्यान में रखते हुए वह मैसेज भेजा था।”इसके अलावा वंदे मातरम ने देश के नौजवानों को जीने-मरने की प्रेरणा दी थी, आज का भारत वंदे मातरम के माध्यम से ही आगे बढ़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए मैंने वंदे मातरम का मैसेज भेजा है।’ पीएम मोदी का भेजा गया यह मैसेज विक्रम-1 के साथ अंतरिक्ष में भेज दिया गया है।
पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि विक्रम-1 भारत का पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल है, जिसे तेजी से और जरूरत के हिसाब से लॉन्च सर्विस देने के लिए बनाया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मिशन देश के युवाओं की प्रतिभा, इनोवेशन और उद्यमिता की भावना का प्रतीक है और 2020 में लागू किए गए स्पेस सेक्टर सुधारों के सकारात्मक नतीजों को दिखाता है। उन्होंने देशवासियों विशेषकर युवाओं से इस ऐतिहासिक मिशन को देखने और स्काईरूट को सफलता की शुभकामनाएं देने का आग्रह किया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व चेयरमैन एस. सोमनाथ ने भी स्काईरूट टीम को शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह सिर्फ एक रॉकेट टेस्ट नहीं है, बल्कि भारत की प्राइवेट रॉकेट बनाने की क्षमता की शुरुआत का प्रतीक है। उनके अनुसार, इस मिशन की सफलता भारतीय इंडस्ट्री, स्टार्टअप्स और ग्लोबल स्पेस इकॉनमी के लिए नए अवसर पैदा करेगी।
पूरी टीम से मुलाकात करेंगे पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि जब वे ‘आत्मनिर्भर भारत’ की बात करते थे तो उनका मजाक उड़ाया जाता था, लेकिन अब देश हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। विक्रम-1 के लॉन्च के साथ भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है, जिससे यह सफलता बहुत अहम हो गई है। खास बात यह है कि यह रॉकेट भारत में ही बनाया गया था। पीएम मोदी ने विक्रम-1 लॉन्च में शामिल स्काईरूट की पूरी टीम को उनसे मिलने के लिए बुलाया है। हैदराबाद की कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने विक्रम-1 को लॉन्च किया और इसका परीक्षण पहली ही कोशिश में सफल रहा। ऐसे में यह और भी ज्यादा अहम रहा है। 18 जुलाई को इस रॉकेट की लॉन्चिंग 11 बजकर 30 मिनट पर होनी थी, लेकिन बाद में इसकी लॉन्चिंग दोपहर में 12 बजकर 05 मिनट पर की गई है। (एजेंसी)

