पाकिस्तान पर दोहरा संकट! बलूचिस्तान में धमाका, PoK में सरकार के खिलाफ बगावत
43 सेकंड का कथित वीडियो जारी, BLA ने 30 से अधिक सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने का दावा किया… उधर पीओके में भी पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज।
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा स्थिति एक बार फिर सुर्खियों में है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ग्वादर जिले के जिवानी क्षेत्र स्थित एक कोस्ट गार्ड बेस पर बड़े हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। संगठन का कहना है कि उसने विस्फोटकों से लदे वाहन के जरिए सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया।
BLA ने अपने बयान में दावा किया कि यह एक सुनियोजित आत्मघाती वाहन-जनित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (SVBIED) हमला था। संगठन के अनुसार, विस्फोट के बाद उसके लड़ाकों ने कैंप पर कई दिशाओं से हमला किया और सैन्य प्रतिष्ठान को भारी नुकसान पहुंचाया।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के हवाले से BLA के प्रवक्ता जीयांद बलोच ने दावा किया कि विस्फोट में कोस्ट गार्ड का कैंप पूरी तरह तबाह हो गया। संगठन का यह भी दावा है कि इस हमले में पाकिस्तानी अर्धसैनिक बलों के 30 से अधिक जवान मारे गए, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
हमले के बाद BLA के मीडिया विंग ‘हक्कल’ ने 43 सेकंड का एक कथित वीडियो भी जारी किया है। वीडियो में कथित तौर पर विस्फोटकों से भरा एक ट्रक सैन्य परिसर में प्रवेश करता दिखाई देता है, जिसके कुछ ही क्षण बाद जोरदार विस्फोट होता है। वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर पाकिस्तान सरकार या पाकिस्तानी सेना की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। साथ ही BLA द्वारा किए गए हताहतों के दावों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इधर, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में भी पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं। विभिन्न स्थानीय संगठनों के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, रावलकोट में आयोजित एक बड़ी रैली में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेताओं ने रैली के दौरान पाकिस्तान सरकार और सेना पर कई आरोप लगाए तथा अपनी मांगों को दोहराया। हालांकि, इन बयानों पर भी पाकिस्तान सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

