‘काला हिरण’ फिल्म मामले में सलमान खान को नहीं मिली राहत, दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई टली
Kala Hiran Film Case: बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान द्वारा फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ के प्रचार और रिलीज पर रोक लगाने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। सुनवाई बुधवार को होनी थी, लेकिन अदालत ने इसे फिर से स्थगित कर दिया है।
‘काला हिरण’ फिल्म के खिलाफ सलमान की याचिका पर सुनवाई टली
दिल्ली उच्च न्यायालय ने फिल्म काला हिरण के खिलाफ सलमान खान की याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी, यह कहते हुए कि इस मामले में जवाबी हलफनामा अभी तक रिकॉर्ड में नहीं है। फिल्म निर्माता ने अदालत को बताया कि फिल्म अभी तक सेंसर बोर्ड को नहीं सौंपी गई है और इस मामले में कोई जल्दबाजी नहीं है। दिल्ली उच्च न्यायालय इस मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को करेगा।

फिल्म मेकर अमित जानी ने लगाए थे आरोप
इस बीच, सुनवाई से पहले, फिल्म के निर्माता अमित जानी ने सलमान खान की याचिका का विरोध करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए और अपने पक्ष में कानूनी और तथ्यात्मक तर्क प्रस्तुत किए। समाचार एजेंसी IANS से बात करते हुए, फिल्म के निर्माता अमित जानी ने दावा किया कि पिछली सुनवाई के दौरान, सलमान खान के वकील ने फिल्म पर अंतरिम रोक लगाने का अनुरोध किया था, लेकिन अदालत ने पहले दूसरे पक्ष की बात सुनने को कहा। उन्हें याचिका की प्रति समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई। उनके मुताबिक, सुनवाई 19 तारीख को निर्धारित थी, जबकि याचिका की कॉपी उन्हें केवल दो दिन पहले ईमेल के माध्यम से भेजी गई, जिससे उन्हें तैयारी के लिए टाइम नहीं मिला।
निर्माता ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें उसी व्हाट्सएप नंबर से एक कॉल आया था जिससे याचिका भेजी गई थी, उसी नंबर से उन्हें शहजाद भट्टी नामक व्यक्ति का फोन आया। अमित जानी का दावा है कि यह व्यक्ति पाकिस्तान में रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉल करने वाले ने सलमान खान के साथ समझौता करने और बैठक कराने का दबाव बनाया था। जानी के मुताबिक, उन्हें फिल्म में लगाए गए इनवेस्टमेंट का मुआवजा देने का ऑफर दिया गया और इनकार करने पर उनके तथा उनके परिवार पर बम या ड्रोन से हमला कराने की धमकी दी गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
अमित जानी को कोर्ट के फैसले पर विश्वास
सलमान खान की याचिका पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित जानी ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि अदालत केवल कानून और तथ्यों के आधार पर फैसला करेगी। अदालत में किसी व्यक्ति की स्टारडम या लोकप्रियता मायने नहीं रखती। अतीत में, अदालत ने कई हाई-प्रोफाइल मामलों में केवल कानूनी तथ्यों के आधार पर फैसला सुनाया है।
पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन के आरोपों पर क्या बोले अमित जानी?
अमित जानी ने फिल्म के जरिए सलमान खान के नाम के व्यावसायिक लाभ उठाने के आरोपों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने व्यक्तित्व अधिकारों के मुद्दे पर भी अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि फिल्म में अयान खान का किरदार निभाने वाले अभिनेता काशिफ इकबाल खान को सलमान खान जैसा दिखाने के लिए किसी भी तरह के कृत्रिम अंग, विशेष मेकअप या तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया गया है। उनके अनुसार, यदि किसी को दोनों कलाकारों की शक्ल में समानता दिखाई देती है, तो यह नेचुरल हो सकती है और इसे पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन नहीं माना जा सकता।(एजेंसी)

