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दिल्ली EV पॉलिसी 2026 को कैबिनेट की मंजूरी, 1 जुलाई से होगी लागू

Delhi EV Policy 2026: दिल्ली में नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 को मिली कैबिनेट की मंजूरी,1 जुलाई से लागू होगी। दिल्ली सरकार ने सोमवार को राजधानी के लिए नई ‘इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026’ को कैबिनेट की हरी झंडी दे दी। इस संबंध में प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए उपराज्यपाल को भेज दिया गया है। दिल्ली में वायु प्रदूषण कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 लागू की है। यह पॉलिसी ie1 जुलाई 2026 से लागू की जाएगी। सीएम रेखा गुप्ता के मुताबिक, दिल्ली कैबिनेट ने इस नई नीति को हरी झंडी दे दी है और इसे 1 जुलाई से लागू किए जाने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सचिवालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह नीति दिल्ली के प्रदूषण और परिवहन संबंधी चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि योजना के अनुसार सब कुछ ठीक रहा तो यह नीति 1 जुलाई से लागू होगी और 31 अगस्त, 2031 तक प्रभावी रहेगी। इस नई नीति के तहत सरकार ने विभिन्न वाहन श्रेणियों के लिए चरणबद्ध खरीद सब्सिडी योजना विकसित की है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को पहले वर्ष के लिए अधिकतम 30 हजार रुपए तक की सब्सिडी मिलेगी।

इलेक्ट्रिक ट्रकों की खरीद पर मिलेंगे एक लाख

इसी प्रकार, इलेक्ट्रिक ऑटो के लिए 50 हजार रुपये तक और एन1 श्रेणी के हल्के इलेक्ट्रिक ट्रकों की खरीद के पहले वर्ष के लिए 1 लाख रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा। हालांकि, निजी इलेक्ट्रिक कारों के लिए कोई प्रत्यक्ष खरीद सब्सिडी नहीं है। पुरानी कारों को हटाने के लिए सरकार ने स्क्रैपिंग प्रोत्साहन योजना लागू की है। जो उपभोक्ता अपने पुराने बीएस-4 या उससे कम मानकों वाले वाहन को स्क्रैप करेंगे, उन्हें 1 लाख रुपये तक का प्रोत्साहन मिलेगा। इसके अतिरिक्त, सभी इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, व्यावसायिक वाहनों और 30 लाख रुपए तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत की पूरी छूट दी जाएगी।

इस नीति में हाइब्रिड तकनीक को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान भी शामिल हैं। इसके तहत, हाइब्रिड कारों को रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। हालांकि, प्रीमियम श्रेणी को ध्यान में रखते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों की खरीद पर किसी भी प्रकार की टैक्स या पंजीकरण शुल्क छूट नहीं दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य इन रियायतों के माध्यम से दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में तेजी से वृद्धि करना है।

सरकार का क्या है कहना?

सरकार का कहना है कि नई नीति का उद्देश्य केवल इलेक्ट्रिक कारों की खरीद को प्रोत्साहित करना नहीं है, बल्कि दिल्ली में संपूर्ण इलेक्ट्रिक वाहन पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है। इसमें चार्जिंग स्टेशनों, बैटरी से संबंधित बुनियादी ढांचे और निजी एवं सार्वजनिक चार्जिंग सुविधाओं का तेजी से विस्तार करना शामिल होगा, जिससे इलेक्ट्रिक परिवहन आसान बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति से अगले चार वर्षों में लगभग 15,000 करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है। यह निवेश चार्जिंग नेटवर्क, विनिर्माण, सेवा केंद्रों, बैटरी प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में किया जाएगा। इससे न केवल राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि हजारों नए रोजगार भी सृजित हो सकते हैं।({एजेंसी)

 

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