नकटी गांव में मकानों को तोड़ने पहुंची टीम का विरोध, पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प
Raipur News: रायपुर के माना क्षेत्र के नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए आज सुबह 80 मकानों को गिराया जा रहा है, जिनमें 32 पीएम और इंदिरा आवास आवास शामिल हैं। प्रशासन ने रविवार देर रात से ही वहां 1,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया था। सुबह जैसे ही जेसीबी मशीनों के साथ पुलिस दल पहुंचा, लोग मशीनों के सामने जमा हो गए, जिससे पुलिस और ग्रामीणों के बीच भारी झड़प और हंगामा हुआ।कार्रवाई के दौरान ऐसी तस्वीरें सामने आईं जहां लोग घरों के सामने सामान निकाल कर बैठे दिखे, तो टूटे मकानों के मलबे पर एक बुजुर्ग मासूम को गोद में लेकर बेबस नजर आए। इस भारी बवाल के बीच प्रशासन ने दावा किया है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की तैयारी शुरू कर दी गई है और उन्हें नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस (EWS) मकानों में बसाने के लिए आवंटन प्रक्रिया जारी है।
कई घर पीएम आवास के तहत बने
नकटी गांव के वार्ड नंबर 16 और 17 में 48 मकान बने हुए हैं। यह क्षेत्र गांव के निवासियों के लिए निर्धारित था। ग्रामीणों ने इसमें बसना शुरू कर दिया। बाद में इसे गांव का हिस्सा बना दिया गया। इसमें कई प्रधानमंत्री आवास भी बने हुए हैं। विधायक कॉलोनी के निर्माण की योजना में भी इन दोनों वार्डों की जमीन शामिल है। प्रशासन इसे अवैध कब्जा बताकर खाली करा रहा है, जबकि ग्रामीण दावा कर रहे हैं कि यह अवैध कब्जा नहीं है। फिलहाल, नोटिस मिलने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
प्रशासन का दावा- सरकारी जमीन पर कब्जा
प्रशासन का दावा है कि जिस जमीन पर मकान बने हैं वह सरकारी जमीन है और उस पर अवैध कब्जा किया गया है। इसलिए, निवासियों को जमीन खाली करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। यह पहली बार नहीं है जब बेदखली की कार्रवाई शुरू की गई है।पिछले साल भी जिला प्रशासन ने इन परिवारों को नोटिस देकर हटाने की कोशिश की थी। उस समय ग्रामीणों के विरोध और जनप्रतिनिधियों के समर्थन के बाद कार्रवाई रोक दी गई थी। अब एक बार फिर नोटिस जारी होने और भारी पुलिस बल की तैनाती से पूरे गांव में तनाव का माहौल है। लोग अपने घरों को लेकर चिंतित हैं।
रायपुर जिले के माना इलाके के नकटी गांव के दो वार्डों को ध्वस्त करने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। नोटिस जारी होने के बाद जिला प्रशासन वार्ड 16 और 17 में किसी भी समय बेदखली की कार्यवाही शुरू कर सकता है। इस कार्रवाई के लिए आधी रात से ही गांव में पुलिस बल तैनात है। 1,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। राजस्व विभाग के अधिकारी भी देर रात से मौजूद हैं। इसलिए, नोटिस की अवधि समाप्त होते ही कार्रवाई निश्चित मानी जा रही है।
16 और 17 वार्ड में बेदखली का नोटिस
गौरतलब है कि पिछले शुक्रवार की रात, मुहर्रम की छुट्टी होने के बावजूद, राजस्व विभाग की एक टीम पुलिस के साथ गांव पहुंची। अधिकारियों ने वार्ड 16 और 17 के घरों पर बेदखली के नोटिस चिपका दिए। प्रशासन ने ग्रामीणों को नोटिस जारी कर कहा कि वे सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर रहे हैं। नोटिस मिलते ही ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। गांव में देर रात तक तनाव बना रहा। ग्रामीणों का कहना है कि वे यहां कई सालों से रह रहे हैं। यह जमीन नकटी गांव का हिस्सा है।इसमें कई पीएम आवास भी बन चुके हैं। अब इसे प्रशासन खाली करवा रहा है। इस दौरान गांव में देर रात तक तनाव का माहौल रहा। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई साल से ग्रामीण यहां रह रहे हैं। यह जमीन नकटी गांव का ही हिस्सा है। इसमें कई पीएम आवास भी बन चुके हैं। अब इसे प्रशासन खाली करवा रहा है।
प्रभावितों को नया रायपुर में मिलेंगे मकान
नकटी गांव में चल रही बेदखली की प्रक्रिया के बीच, जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था शुरू कर दी है।
एसडीएम ने बताया कि कुल 75 प्रभावित परिवारों को सेक्टर 30, नया रायपुर में बने ईडब्ल्यूएस आवासों में अस्थायी और स्थायी रूप से स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए मकान आवंटन की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है।(एजेंसी)

