समझौते के 10 दिन बाद फिर आमने-सामने अमेरिका-ईरान, जेडी वेंस ने ईरान को चेताया
Violation of Iran-US ceasefire: US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, 25 जून को सिंगापुर के झंडे वाले कार्गो जहाज M/V एवर लवली पर एक ‘वन-वे अटैक ड्रोन’ से हमला किया गया था। उस समय, जहाज ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहा था। US का आरोप है कि यह हमला ईरान ने किया था और यह युद्धविराम का सीधा उल्लंघन था। IRGC के एक बयान में दावा किया गया कि US ने ईरानी तट के पास हवाई हमले किए थे। IRGC ने इन हमलों को युद्धविराम और US की प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन बताया और दावा किया कि इसके जवाब में इलाके में मौजूद “US सैन्य तैनाती केंद्रों” को निशाना बनाया गया। हमलों के ठिकानों, हमले के तरीके या संभावित नुकसान के बारे में कोई जानकारी जारी नहीं की गई है।
IRGC ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने दोबारा हमला किया, तो ईरान की प्रतिक्रिया और भीषण होगी। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ताज़ा घटनाक्रम में, अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों के साथ-साथ तटीय रडार ठिकानों पर भी हमला किया।यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक कार्गो जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद की गई। अमेरिका के CENTCOM ने इस घटना को युद्धविराम का उल्लंघन बताते हुए ईरान पर हमला किया। हालांकि, ईरान का दावा था कि कार्गो जहाज को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह होर्मुज जलडमरूमध्य के उस रास्ते से गुजर रहा था जिसे ईरान ने मंजरी नहीं दी थी।

होर्मुज में जहाज पर हमले के बाद अमेरिकी एक्शन
ईरान ने जिस इलाके में हमला किया, वह यूनाइटेड नेशंस और ओमान द्वारा सुरक्षित आवाजाही के लिए बनाया गया एक शिपिंग कॉरिडोर है। ईरान इस कॉरिडोर को नहीं मानता और उसने पहले ही चेतावनी दी थी कि यह समस्या पैदा कर सकता है। ईरान ने लराकआईलैंड के पास अपना खुद का शिपिंग कॉरिडोर बनाया है और उसका कहना है कि जहाजों को इसी रास्ते का इस्तेमाल करना चाहिए। उसने संकेत दिया है कि वह इस रास्ते के बाहर चलने वाले जहाजों पर हमला कर सकता है। ठीक अगले ही दिन, अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों में मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज सेंटर्स के साथ-साथ तटीय रडार सिस्टम पर सटीक हमले किए। अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया कि ऑपरेशन पूरा हो गया है और इसका एकमात्र मकसद ईरान की सैन्य क्षमताओं को कम करना था।
ईरान ने भी किया पलटवार
अमेरिका के दावों को खारिज करते हुए ईरान ने कहा कि दक्षिणी शहर सिरिक के पास एक बंदरगाह इलाके में हमला हुआ, जिसके जवाब में ईरानी नौसेना ने इलाके में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, किसी भी देश ने हुए नुकसान के बारे में पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम के बावजूद पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में एक मालवाहक जहाज पर ड्रोन हमले के बाद, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा हमला किया। जवाबी कार्रवाई में, अमेरिकी सेना ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन सुविधाओं के साथ-साथ होर्मुज के आसपास रडार साइटों को भी निशाना बनाया। इसके बाद, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि “हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा।”(एजेंसी)

