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200 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस: जैकलीन फर्नांडिस को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, याचिका वापस ली

200 Crore Money Laundering Case: बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट के एक आदेश के खिलाफ दायर ‘स्पेशल लीव पिटिशन’ (SLP) वापस लेने की इजाजत दे दी। इससे पहले, इस साल 30 मई को स्पेशल PMLA कोर्ट ने 200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन फर्नांडिस के खिलाफ आरोप तय किए थे।

जैकलीन फर्नांडीज ने सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी थी। हालांकि, जब सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया, तो उनके वकील ने याचिका वापस लेने और कोई दूसरा कानूनी रास्ता अपनाने की इजाजत मांगी। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने मंजूर कर लिया।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद अगस्त 2021 का है, जब अदिति सिंह नाम की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल में बंद ठग सुकेश चंद्रशेखर ने एक सीनियर सरकारी अधिकारी बनकर उनसे लगभग 200 करोड़ की ठगी की थी। दिल्ली पुलिस की इस FIR के आधार पर, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया।

ED का दावा है कि सुकेश ने इस बड़े फ्रॉड से मिले पैसों का इस्तेमाल जैकलीन फर्नांडिस समेत कई सेलिब्रिटीज को महंगे तोहफे और लग्जरी चीजें देने के लिए किया। ED के मुताबिक,महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन फर्नांडिस पर खूब पैसे खर्च किए। उन पर लगभग 5.71 करोड़ की कीमत के तोहफे और सुख-सुविधाएं लेने का आरोप है। इन तोहफों में लग्जरी बैग, कीमती गहने, महंगी घड़ियां और उनके परिवार के लिए गाड़ियां शामिल थीं। इसके अलावा, सुकेश ने जैकलीन के परिवार के सदस्यों के विदेशी बैंक खातों में भी पैसे ट्रांसफर किए थे।

जैकलीन फर्नांडिस ने हाई कोर्ट का खटखटाया था दरवाजा

जैकलीन फर्नांडिस ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपने खिलाफ चल रहे केस और चार्जशीट को रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, 3 जुलाई 2025 को हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने साफ कहा कि उनके इरादे, उन्हें मामले की कितनी जानकारी थी या घोटाले में उनकी क्या भूमिका थी, इन बातों का पता सिर्फ ट्रायल के दौरान ही चल सकता है। इस शुरुआती चरण (चार्ज तय होने से पहले) में केस को खत्म नहीं किया जा सकता और पूरे ट्रायल के बिना जांच एजेंसी के दावों को खारिज करना जल्दबाजी होगी। (एजेंसी)

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