Wed. Jun 10th, 2026

197 जिलों पर अल नीनो का साया, मॉनसून संकट के बीच सरकार का राहत अभियान तेज

नई दिल्ली: मानसून देर से आया, लेकिन सफल रहा और 4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद छह दिनों में 13 राज्यों को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि, अल नीनो के कारण इस साल कम बारिश का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग की बार-बार चेतावनी के बाद, सरकार ने युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरकार ने देश भर में 197 ऐसे जिलों की पहचान की है जो अल नीनो से सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उनके विभाग ने प्रत्येक राज्य के लिए आपातकालीन योजनाएं तैयार कर ली हैं।

प्रशांत महासागर में उभरने वाले अल नीनो पैटर्न के कारण मानसूनी बारिश में भारी कमी की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को बताया कि 197 जिलों को सबसे अधिक प्रभावित होने वाले जिलों के रूप में चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय अल नीनो के प्रभाव से निपटने के लिए राज्यवार आपातकालीन योजनाएं तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और यह संख्या बढ़ भी सकती है। उन्होंने कहा कि बारिश के पैटर्न में बदलाव हो सकता है, लिहाजा जहां भी जरूरत पड़े, वहां दूसरी फसलों की खेती की जा सके, इसके लिए बीजों का इंतजाम किया जा रहा है और किसानों को इसकी जानकारी दी जा रही है।

क्या इस साल की गर्मी सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी?

अगले दो वर्षों में दुनिया को एक बेहद खतरनाक मौसम घटना का सामना करना पड़ सकता है। कई प्रमुख मौसम मॉडल संकेत देते हैं कि प्रशांत महासागर का तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक बढ़ सकता है। यदि ऐसा होता है, तो इसका प्रभाव केवल महासागर तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बारिश, सर्दी और गर्मी के मौसम का मिजाज को भी बदल सकता है।

अल नीनो और मॉनसून अपडेट

अल नीनो एक ऐसी मौसम संबंधी घटना है जो मानसून को कमजोर करती है और वर्षा को प्रभावित करती है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने दक्षिण-पश्चिम मानसून के दीर्घकालिक औसत के लगभग 90 प्रतिशत रहने का पूर्वानुमान लगाया है, जो सामान्य से कम वर्षा वाले मौसम का संकेत देता है। यदि मानसून के दूसरे चरण के दौरान अल नीनो अधिक सक्रिय हो जाता है, तो सूखा या कम वर्षा फसलों के लिए खतरा बढ़ा सकती है।

खेत बचाओ अभियान चला रहा कृषि मंत्रालय

कृषि मंत्रालय किसानों तक राहत पहुंचाने के लिए खेत बचाओ अभियान नाम से एक देशव्यापी अभियान चला रहा है। शिवराज ने कहा कि अल नीनो को लेकर सरकार अलर्ट मोड पर है। 197 जोखिम वाले जिलों की पहचान कर समय से पहले तैयारी की जा रही है। सूखे के संकट और अल नीनो के असर का पहले से पता लगाने के लिए हर हफ्ते बैठकें हो रही हैं। बीज समेत खेती से जुड़ी जरूरी चीजों का स्टॉक भी तैयार है। हर राज्य के लिए एक आपात योजना तैयार की गई है।

मॉनसून अभी तेजी से आगे बढ़ रहा

4 जून को केरल पहुंचने के बाद मानसून तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तक पहुंच चुका है। यह महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी पहुंच गया है। पूर्वोत्तर राज्यों के सभी हिस्सों में मानसून की बारिश हो रही है, जिनमें मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा शामिल हैं। अब यह गुजरात और महाराष्ट्र के पूर्वी, मध्य और शेष क्षेत्रों में फैल रहा है। मानसून अब देश के 30 प्रतिशत हिस्से तक पहुंच चुका है।15 जुलाई तक पूरे देश में ये छा जाएगा। हालांकि जुलाई के अंत और अगस्त से अल नीनो 90 फीसदी ताकत के साथ प्रचंड स्थिति में पहुंच सकता है। (एजेंसी)

About The Author