CM विजय का ऐलान, तमिलनाडु की राज्यसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार उतारेगी गठबंधन
चेन्नई: तमिलगा वेत्री कघगम (टीवीके) के अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने बुधवार को घोषणा की कि 18 सितंबर को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए तमिलनाडु की एकमात्र सीट गठबंधन सहयोगी कांग्रेस को आवंटित की गई है। टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने राज्य की एकमात्र खाली राज्यसभा सीट अपनी सहयोगी पार्टी कांग्रेस को सौंपने का ऐलान किया। इस कदम पर असंतोष जताते हुए डीएमके ने तंज कसा है कि कांग्रेस को गठबंधन में पहले ही एक राज्यसभा और 28 विधानसभा सीटें दी जा चुकी हैं। राजनीतिक हलकों में इस फैसले को विपक्षी गठबंधन के भीतर तालमेल और एकजुटता मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
चिदंबरम और विजय की बातचीत से बदला फैसला
गठबंधन सूत्रों के अनुसार, चिदंबरम और विजय के बीच हुई बातचीत में सहयोगी दलों के बीच समन्वय और राज्यसभा चुनाव के लिए सर्वसम्मति से उम्मीदवार तय करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी। माना जा रहा है कि कांग्रेस को सीट आवंटित करने का फैसला उसी बातचीत का परिणाम है। कांग्रेस आने वाले दिनों में अपने उम्मीदवार के नाम की औपचारिक घोषणा कर सकती है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने टीवीके के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे गठबंधन में आपसी विश्वास और सहयोग का प्रतीक बताया है।
तमिलनाडु में क्यों हो रहा राज्यसभा चुनाव
हाल ही में संपन्न हुए 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में सीवी शनमुगम ने माइलम विधानसभा क्षेत्र से AIADMK के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। वह उस समय राज्यसभा सदस्य थे। सी वी शनमुगम ने जून 2022 में राज्यसभा सदस्य के रूप में पदभार ग्रहण किया था। वह मई 2026 तक राज्यसभा सांसद के रूप में कार्य करते रहे। विधायक बनने के बाद उन्होंने 8 मई 2026 को राज्यसभा सांसद के पद से अपना इस्तीफा दे दिया। इसके बाद इस खाली सीट पर अब चुनाव हो रहे हैं।
प्रवीण चक्रवर्ती हो सकते हैं उम्मीदवार
यह घोषणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडनकर की मुख्यमंत्री विजय से मुलाकात के कुछ ही समय बाद हुई। इसके बाद से ही राज्यसभा की इस सीट के लिए पार्टी के उम्मीदवार को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कांग्रेस रणनीतिकार प्रवीण चक्रवर्ती पार्टी के उम्मीदवार हो सकते हैं। चक्रवर्ती को कांग्रेस-टीवीके गठबंधन को आकार देने में मदद करने का श्रेय दिया जाता है, जिसने तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य को बदलकर रख दिया है। गौरतलब है कि तमिलनाडु विधानसभा के लिए चुने जाने के बाद एआईएडीएमके नेता सी.वी. षणमुगम ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद यह रिक्ति उत्पन्न हुई।
भाजपा का मुकाबला करने के लिए आवाज होगी मजबूत
एनडीटीवी के रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री विजय के फैसले का स्वागत करते हुए इसे उदार और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कदम बताया है। कांग्रेस सांसद जोथिमणि ने कहा कि इस अतिरिक्त सीट से संसद में पार्टी की आवाज मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि इससे राज्यसभा में भाजपा की ताकत का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस की आवाज को बल मिलेगा।
डीएमके से अलग होने और विजय की पार्टी के साथ गठबंधन करने के बाद कांग्रेस को अपनी संसदीय ताकत में झटके का सामना करना पड़ा था। नेताओं का मानना है कि राज्यसभा की यह सीट न केवल उच्च सदन में पार्टी की उपस्थिति को बेहतर करेगी, बल्कि 2029 के लोकसभा चुनावों और तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में भविष्य के राजनीतिक मुकाबलों से पहले कांग्रेस और टीवीके के बीच सहयोग को भी गहरा करेगी।
टीवीके ने किया आउटसोर्स: डीएमके
हालांकि, इस कदम की डीएमके ने कड़ी आलोचना की है। डीएमके प्रवक्ता ए. सरवनन ने आरोप लगाया कि टीवीके कांग्रेस को यह भूमिका देकर संसद में भाजपा के साथ सीधे टकराव से बचने का प्रयास कर रही है। सरवनन ने कहा कि इसका उद्देश्य यह है कि टीवीके संसद में भाजपा के साथ सीधे टकराव से बचना चाहती है, इसलिए उसने इसे कांग्रेस को आउटसोर्स कर दिया है।टीवीके ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। नाम न छापने की शर्त पर पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि यह फैसला राजनीतिक लड़ाई से बचने के लिए नहीं, बल्कि गठबंधन को मजबूत करने के लिए लिया गया है।नेता ने कहा कि कोई आउटसोर्सिंग नहीं है। हम कांग्रेस के साथ अपने गठबंधन को मजबूत कर रहे हैं। वैसे भी हम सिर्फ एक सांसद के साथ क्या करेंगे? (एजेंसी)

