FIFA World Cup 2026 Final: स्पेन का ‘अभेद्य’ किला नहीं भेद सके मेस्सी, 106वें मिनट में टोरेस के गोल ने स्पेन को बनाया विश्व चैम्पियन
FIFA World Cup 2026 Final: अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की संयुक्त मेजबानी में खेले गए 48 टीमों के सबसे बड़े फीफा विश्व कप 2026 के 104वें और अंतिम मुकाबले में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर 16 साल बाद दूसरी बार विश्व चैम्पियन का खिताब अपने नाम कर लिया। पूरे टूर्नामेंट में महज एक गोल गंवाने वाली स्पेन की अभेद्य रक्षापंक्ति को अर्जेंटीना के महान कप्तान लियोनेल मेस्सी भी नहीं भेद सके। इस हार के साथ ही मेस्सी का लगातार दूसरा विश्व कप जीतने का सपना आंसुओं के साथ टूट गया।
106वें मिनट में टोरेस का ‘अनमोल’ गोल
निर्धारित समय तक दोनों टीमें गोलरहित बराबरी पर रहीं। अतिरिक्त समय (Extra Time) के दूसरे हाफ में 106वें मिनट में स्थानापन्न खिलाड़ी (Substitute) के रूप में मैदान पर उतरे फेरान टोरेस ने बॉक्स के भीतर हवा में आई गेंद पर अपने बाएं पैर से शानदार शॉट लगाकर गोल में बदल दिया। अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्तिनेज इस शॉट को रोक नहीं सके।
जीत के बाद भावुक टोरेस ने कहा, “यह गोल अकेले मेरा नहीं, बल्कि स्पेन के 47 मिलियन लोगों का था।”
स्पेन ने बनाए कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड
सबसे कम गोल गंवाने का रिकॉर्ड: पूरे विश्व कप में 8 मैचों में केवल 1 गोल गंवाकर स्पेन ने चैम्पियन के रूप में सबसे कम गोल गंवाने का नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया।
महिला और पुरुष दोनों विश्व कप जीतने वाला पहला देश: 2023 में स्पेन की महिला टीम ने भी विश्व कप जीता था। इसके साथ ही स्पेन एक ही समय में महिला और पुरुष दोनों फुटबॉल विश्व कप का खिताब रखने वाला दुनिया का पहला देश बन गया।
38 मैचों से अपराजेय: स्पेन अब लगातार 38 मैचों से अजेय (29 जीत, 9 ड्रा) है, जो किसी भी यूरोपीय टीम का सबसे लंबा अनबीटेन रन (Unbeaten Run) है। इससे पहले इटली (37 मैच) के नाम यह रिकॉर्ड था।
सबसे उम्रदराज विजेता कोच: स्पेन के कोच लुईस डे ला फुऐंटे 65 वर्ष की उम्र में विश्व कप ट्रॉफी जीतने वाले सबसे उम्रदराज कोच बन गए हैं।
मार्तिनेज का रिकॉर्ड प्रदर्शन, अर्जेंटीना 10 खिलाड़ियों के साथ खेली
भले ही अर्जेंटीना मैच हार गई, लेकिन उनके गोलकीपर एमिलियानो मार्तिनेज ने फाइनल में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड 12 शानदार सेव्स किए। स्पेन ने गोल पर 20 शॉट लगाए और शुरुआती 10 में से 9 कॉर्नर किक हासिल किए, जिससे पूरे मैच में उनका दबदबा साफ नजर आया।
दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम में पाउ कुबारासी से टकराने के कारण अर्जेंटीना के एक खिलाड़ी को दूसरा पीला (Red Card) कार्ड मिला, जिसके बाद अर्जेंटीना को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।
भावुक मेस्सी की ‘आंसुओं’ के साथ विदाई
39 वर्षीय लियोनेल मेस्सी के लिए यह उनका आखिरी विश्व कप था। उपविजेता का पदक लेने के बाद मेस्सी अपने आंसू नहीं रोक पाए।
मेस्सी ने कहा, “मुझे दुख हो रहा है, लेकिन ईमानदारी से कहूं तो स्पेन ने हमसे बेहतर खेला। हम हार गए और इसे स्वीकार करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम अपने सफर को भूल जाएंगे। मैं अपने देशवासियों का धन्यवाद करता हूं कि हमने आखिरी सांस तक कोशिश की।”
अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने भी स्पेन की तारीफ करते हुए कहा कि स्पेन की टीम मुकाबले में बेहतर थी।

