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भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य ने CBI, ED जांच के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

CBI और ED की जांच शक्तियों और अधिकार क्षेत्र पर आपत्ति जताई गई है। सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर सोमवार को करेगा सुनवाई।

 

नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे ने CBI और ED द्वारा की जा रही जांचों की वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में सवाल उठाया गया है कि CBI और ED को छत्तीसगढ़ में जांच करने का अधिकार किस आधार पर मिला, जब राज्य सरकार ने पहले ही उनकी आम सहमति वापस ले ली थी।

भूपेश बघेल और उनके बेटे की तरफ से दोनों केंद्रीय एजेंसियों की जांच शक्तियों और अधिकार क्षेत्र पर आपत्ति जताई गई है। सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगा।

ED ने जुलाई में भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को किया था गिरफ्तार

जुलाई 2025 में ही ईडी ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई से पहले ईडी ने भिलाई में उनके आवास पर छापेमारी की थी। मामला शराब घोटाले के मामले से जुड़ा बताया गया था। ईडी की टीम कई गाड़ियों में पहुंची थी और उसके साथ CRPF के जवान भी थे।

उस दौरान भूपेश बघेल ने ट्वीट करके कहा था, “ईडी आ गई है। आज विधानसभा सत्र का आखिरी दिन है। आज अडानी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा उठाया जाना था। भिलाई निवास में साहेब ने ED भेज दी है।”

अप्रैल में CBI ने भूपेश बघेल के खिलाफ दर्ज की थी FIR

केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने महादेव बेटिंग एप मामले में भूपेश बघेल के खिलाफ FIR दर्ज की थी। सीबीआई की इस FIR में पूर्व सीएम बघेल नंबर 6 के आरोपी बनाए गए थे। FIR में बेटिंग एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत 21 आरोपियों के नाम थे। इससे पहले सीबीआई ने देशभर में भूपेश बघेल समेत तमाम आरोपियों की 60 लोकेशन्स पर छापेमारी की थी। ये छापेमारी कई राजनेता, नौकरशाह और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ की गई थी।

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