Monsoon Tips: बारिश में कैसे करें अपने टेरेस गार्डन को मेंटेन, इन छोटी-छोटी बातों का रखें ध्यान
Monsoon Tips: इस मौसम में पौधों की ग्रोथ प्राकृतिक तरीके से होती है। इतना ही नहीं तेज हवा से कई पेड़-पौधे, फूल के बीज भी गार्डन में आ जाते हैं और यही कारण है कि गार्डन में कई तरह के नए-नए पौधे भी उग जाते हैं।
Monsoon Tips रायपुर। कई राज्यों में मानसून की शुरुआत हो चुकी है। कई जगहों पर लगातार बारिश होने लगी है। ऐसे में अगर आपने भी अपने टेरेस गार्डन को सजाया है, तो हम आपको मानसून के दौरान इसे बनाए रखने के कुछ आसान टिप्स बताने जा रहे हैं। इसकी मदद से आपका टेरेस गार्डन बारिश में भी खूबसूरत दिखेगा।
इस मौसम में पौधों की ग्रोथ प्राकृतिक तरीके से होती है। इतना ही नहीं तेज हवा से कई पेड़-पौधे, फूल के बीज भी गार्डन में आ जाते हैं और यही कारण है कि गार्डन में कई तरह के नए-नए पौधे भी उग जाते हैं। बरसात के मौसम में अगर सही देखभाल न की जाए तो यह मौसम हरियाली के साथ-साथ कई तरह के जीव-जंतु भी साथ लेकर आता है। जो कई बार पौधों को खराब कर देते हैं। लेकिन अगर कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए तो बारिश में भी बगीचे को अच्छे से संवारा जा सकता है।
आइये जानते हैं बारिश से पहले कैसे करें तैयारी
1. बारिश शुरू होने से पहले पौधों के नीचे वाले पत्तों को साफ कर दें।
2. बारिश के मौसम में गमलों के ऊपर तक आप 3 भाग मिट्टी और 1 भाग गोबर खाद को मिलाकर भर दें। गमले के ऊपरी भाग को खाली छोड़ने से उसमें पानी भर जाएगा और पौधे ख़राब हो जायेगे।
3. पौधों पर 10 दिन के अंतराल पर फफूंदनाशक का छिड़काव करें। इससे पौधे फफूंद के हमले से सुरक्षित रहेंगे। सभी पौधों पर 10 से 15 दिन के अंतराल पर नीम का तेल लगाएं, इससे बारिश के मौसम में पौधों को कई तरह के कीड़ों और कीटों से सुरक्षा मिलेगी।
4. इस मौसम में पौधों की ट्रिमिंग कर सकते हैं, जिससे थोड़े दिनों में नए पत्ते आने शुरू हो जाएंगे और पौधों को कोई नुकसान नहीं होगा।
5. बरसात में मिट्टी में अधिक नमी रहती है, जब तक मिट्टी न सूखे पानी न डालें। पानी तभी डालें, जब ज़रूरत हो, ज्यादा पानी पौधों के लिए नुकसानदायक होता है।
6. केमिस्ट की दुकान से हाइड्रोजन पेरोक्साइड ले आएं। इसे 15 दिन के अंतराल पर स्प्रे करें, इससे पौधे किसी भी बैक्टीरिया और कीड़ों से सुरक्षित रहेंगे।
7. पौधों को स्थान बदलते रहें और गमलों या जमीन में पानी भरा न होने दें।
8. यदि आपके घर में क्यारी है या नीचे बगीचा है, तो जहां पानी गिरता है वहां पर एक पत्थर रख दें ताकि पानी सीधे मिट्टी में न गिरे।
9. बरसात का पानी अमृत है, लेकिन अगर ज्यादा बरसात हो, तो पौधों के ऊपर शीट लगाएं, ताकि पौधों की जड़ गलने न लगे।
10. हर पौधे की जांच करते रहें। कई बार पौधे एक समूह में लगे होते हैं, हम सोचते हैं कि सभी में पानी भरा हुआ है लेकिन एक पौधा नीचे दबा रह जाता है, जिसे बारिश का पानी नहीं मिला और फिर वह सूख जाएगा। बारिश में ज़्यादातर यही गलती होती है।
11. ज़्यादा पानी की वजह से गमलों के जल निकासी छेद बंद हो जाते हैं। उन छेदों में मिट्टी जमा हो जाती है, मिट्टी गमलों से बाहर नहीं आ पाती, जिससे जड़ें सड़ने या गलने लगती हैं। इसलिए नीचे से गमलों के जल निकासी छेदों की जांच ज़रूर करें।
12. अगर गमलों के नीचे प्लेटें रखी हैं, तो उन्हें रोज़ाना साफ करें और उनमें पानी न भरने दें। या तो इस समय प्लेटें हटा दें या फिर उन्हें रोज़ाना साफ करते रहें।

