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घोटाले में किसकी थी असली भूमिका? पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते पर उठ रहे बड़े सवाल

JPSC scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में व्यापक अनियमितताओं की सीआईडी ​​की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। नई जानकारी के अनुसार, आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगटे को अनियमितताओं की पहले से जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की और आरोपी अभय तिवारी और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीडीपीएल को मनमानी करने की छूट दी। जेपीएससी की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी मामले में जांच कर रही सीआईडी की टीम का फोकस मास्टरमाइंड की तलाश करना है। सीआईडी की एसआईटी इस पूरे नेटवर्क और इसके मास्टरमाइंड का सुराग खंगालने में जुटी है।

एल. खियांग्ते को मिल चुकी थी गड़बड़ियों की जानकारी

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 1 जनवरी, 2026 को कर्नाटक के एक शिकायतकर्ता ने तत्कालीन जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांगते को एक विस्तृत शिकायत भेजी थी। दावा किया जाता है कि इस पत्र में न केवल अनियमितताओं का विस्तृत विवरण दिया गया था, बल्कि पूरे गिरोह के सदस्यों के नाम, पद और मोबाइल नंबर भी उजागर किए गए थे। शिकायतकर्ता अभय कुमार तिवारी टीडीपीएल एजेंसी के कर्मचारी होने के साथ-साथ परीक्षा के उम्मीदवार भी थे। वो अन्य लोगों के नाम से पंजीकृत तीन फर्जी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर रहा था। इस पत्र में दो और प्रमुख परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा किया गया था।

किसकी सह पर काम कर रहे थे परीक्षा उप नियंत्रक

जांच अधिकारी इस बात की छानबीन कर रहे हैं कि परीक्षा नियंत्रक और अभय तिवारी किसके सह पर काम कर रहे थे। जल्द ही तीन कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जाएगा।

15 लोगों से जांच अधिकारियों ने की पूछताछ

जांच अधिकारियों ने इस मामले में परीक्षा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के 15 व्यक्तियों से पूछताछ की है और यदि सबूत मिलते हैं तो उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सकता है। सीआईडी ​​जांच टीम में डीएसपी सरिता मुर्मू, नेहा बाला और इंस्पेक्टर एवं सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं।(एजेंसी)

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