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जबलपुर एयरपोर्ट पर हंगामा, सुप्रीम कोर्ट के वकील से मारपीट, राज्यसभा सांसद ने उठाए सवाल

Jabalpur News: दिल्ली से जबलपुर जाने वाली इंडिगो की एक फ्लाइट में दो यात्रियों के बीच मारपीट की घटना सामने आई है और इस मामले में FIR दर्ज की गई है। इस बीच, सांसद विवेक तन्खा ने मारपीट और डराने-धमकाने की इस घटना की निंदा करते हुए इसे शर्मनाक बताया है और कार्रवाई की मांग की है। खबरों के अनुसार, कोलकाता के रहने वाले सुप्रीम कोर्ट के वकील सुहान मुखर्जी, दिल्ली से जबलपुर के लिए इंडिगो की फ्लाइट 6E-6038 से यात्रा कर रहे थे। उनके साथ तीन साल का बच्चा और एक केयरटेकर भी था। उसी फ्लाइट में योगेश बंसल नाम का एक और यात्री भी सवार था।

खमरिया थाने में दर्ज कराई एफआईआर

आरोप है कि सुहान मुखर्जी एयरपोर्ट पर उतरने के बाद अपना सामान ले रहे थे, तभी किसी बात को लेकर योगेश के साथ उनकी बहस हो गई और योगेश ने वकील पर हमला कर दिया। उस पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। सुहान मुखर्जी ने इस घटना के संबंध में खमारिया पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई है और आरोप लगाया है कि हमला टर्मिनल बिल्डिंग के लाउंज के अंदर हुआ। वहीं, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

वकील के सिर, कंधे में आई चोट

हमले और उससे लगी चोटों के बाद, पुलिस ने सुहान मुखर्जी के सरकारी अस्पताल में इलाज कराया। उनके सिर, कंधे और पीठ पर चोटें आई हैं।
राज्यसभा सांसद और सीनियर वकील विवेक तन्खा ने इंडिगो फ्लाइट में हुई मारपीट की घटना पर नाराजगी जाहिर की। ‘X’ पर उन्होंने पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की आलोचना की और चार घंटे तक FIR दर्ज न करने पर मध्य प्रदेश के DGP से सवाल किया। उन्होंने पर्यटक के साथ हुए बर्ताव को लेकर मध्य प्रदेश के DGP और राज्य सरकार से भी सवाल पूछे।

CSP ने बताया कि आज सुबह एयरपोर्ट अथॉरिटी और CISF से दो यात्रियों के बीच हाथापाई और मारपीट की जानकारी मिली। दोनों ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है। घटना के CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और मामले की जांच चल रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

तन्खा ने पुलिस पर उठाए सवाल

इस घटना को चौंकाने वाला बताते हुए, तन्खा ने आरोप लगाया कि सबके सामने यह घटना होने के बावजूद, आरोपी को न तो एयरपोर्ट पर रोका गया और न ही उसे जाने से रोका गया। मध्य प्रदेश के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) को टैग करते हुए उन्होंने लिखा, “सवाल यह है कि जब एक भले यात्री—जिसके साथ एक छोटा बच्चा भी था—को विमान से उतरते समय एक गुंडे ने बेरहमी से पीटा, तो आरोपी को हिरासत में क्यों नहीं लिया गया? सर, यह पुलिसिंग नहीं है। तो फिर एयरपोर्ट पर पुलिस किसलिए है? क्या सिर्फ आम, ईमानदार यात्रियों की तलाशी लेने के लिए?”

हालांकि, विवेक तन्खा ने इस बात पर संतोष जताया कि इंडिगो के कस्टमर रिलेशंस डायरेक्टर ने उनसे बात की। उन्होंने उनकी बात समझी और उठाए गए मुद्दों पर चिंता जताई। उड़ानों में यात्रियों की सुरक्षा का मामला पूरी व्यवस्था से जुड़ा है। एयरपोर्ट सिक्योरिटी को हिंसक और बदतमीज यात्रियों को हिरासत में लेकर पुलिस के हवाले कर देना चाहिए।(एजेंसी)

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