Unnao Bus Accident: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर डबल डेकर बस पलटी, सब इंस्पेक्टर और बंदी समेत 6 की मौत
तेज रफ्तार बस डिवाइडर तोड़कर दूसरी लेन में पलटी, ड्राइवर को नींद आने से हुआ हादसा
लखनऊ/उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में मंगलवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार डबल डेकर बस अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में पलट गई। हादसा इतना भयानक था कि मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस दुर्घटना में एक सब इंस्पेक्टर और एक बंदी समेत 6 लोगों की जान चली गई, जबकि 20 से ज्यादा यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, UPEIDA और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव का काम शुरू किया। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
ड्राइवर को नींद आने से हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, हादसा सुबह करीब 4 बजे हुआ। बस चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई, जिससे बस नियंत्रण से बाहर हो गई। बस डिवाइडर तोड़कर दूसरी लेन में पलट गई। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया और यात्रियों में डर का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि बस में 30 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें अधिकांश बिहार के निवासी थे। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य में हाथ बंटाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
पुलिसकर्मी बंदी को लेकर लौट रहे थे
बताया जा रहा है कि हादसे में जान गंवाने वालों में सब इंस्पेक्टर रामजी राम और बंदी छत्रपाल सिंह तोमर भी शामिल हैं। बिहार के सिवान जिले के पुलिसकर्मी बंदी को गवाही के लिए गुरुग्राम लेकर गए थे और वापस लौट रहे थे। हादसे में तीन सिपाही भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
परिजनों के अनुसार, सब इंस्पेक्टर रामजी राम एक जिम्मेदार और ईमानदार अधिकारी थे। उनकी अचानक मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। वहीं बंदी छत्रपाल सिंह तोमर के परिवार ने भी न्याय की गुहार लगाई है।
घटना के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया। गंभीर रूप से घायल 21 लोगों को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। वहीं एक महिला यात्री को मामूली चोट आने पर प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों ने बताया कि घायलों में से कुछ की स्थिति नाजुक बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट दिया जा रहा है।
प्रशासन ने घायलों के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की है। सूचना मिलते ही कई परिजन लखनऊ ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख
राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताते हुए कहा कि उन्नाव जिले में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर हुए दुखद सड़क हादसे में लोगों की मौत बहुत दुखद और दिल दहला देने वाली है। उन्होंने कहा, “मेरी संवेदनाएं दुख में डूबे परिवारों के साथ हैं। मैं भगवान श्री राम से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले, दुखी परिवारों को यह बहुत बड़ा दुख सहने की शक्ति मिले, और घायल लोग जल्दी ठीक हो जाएं।”
सीएम योगी ने जिला प्रशासन को घायलों के उचित उपचार और मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया। सैकड़ों वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया। पुलिस और यातायात विभाग ने राहत कार्य को प्राथमिकता दी। क्रेन की मदद से बस को हटाने का काम शुरू कर दिया गया। घटनास्थल से मलबा हटाने का काम भी जारी है।
यात्रियों ने बताया कि अंधेरा होने के कारण हादसे के बाद और भी दहशत फैल गई। कई लोग अपने सामान समेत फंस गए थे। स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर लोगों को बाहर निकाला।
परिजनों में कोहराम
मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा है। सब इंस्पेक्टर रामजी राम के परिजनों ने बताया कि वह दो बच्चों के पिता थे और परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत से परिवार बर्बाद हो गया है। उन्होंने सरकार से अधिक से अधिक मुआवजा देने और एक परिवार के सदस्य को नौकरी देने की मांग की है।
बंदी छत्रपाल सिंह तोमर के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने कहा कि उन्हें पुलिस की हिरासत में रहते हुए सुरक्षा नहीं मिली, जिससे उनकी मौत हुई। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

