महाकाल भक्तों को ठगने वाले साइबर गिरोह पर उज्जैन पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फर्जी बुकिंग वेबसाइटें कीं ब्लॉक
महाकाल दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से ऑनलाइन रूम बुकिंग के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले साइबर अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा, कई फर्जी वेबसाइटें बंद
उज्जैन। भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन के लिए देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को निशाना बनाकर ऑनलाइन ठगी करने वाले साइबर अपराधियों के खिलाफ उज्जैन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इंटरनेट पर फर्जी वेबसाइटें बनाकर होटल और भक्त निवास में कमरा बुक कराने के नाम पर लोगों से पैसे वसूलने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने कई फर्जी वेबसाइटों को ब्लॉक करवा दिया है।
जानकारी के अनुसार, लंबे समय से पुलिस को ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन आने वाले श्रद्धालु जब इंटरनेट पर होटल या भक्त निवास की ऑनलाइन बुकिंग खोजते थे, तो उनके सामने साइबर ठगों द्वारा तैयार की गई फर्जी वेबसाइटें दिखाई देती थीं। इन वेबसाइटों पर आकर्षक ऑफर और बुकिंग की सुविधा दिखाकर श्रद्धालुओं से एडवांस भुगतान करा लिया जाता था।
हालांकि, जब श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते थे तो उन्हें पता चलता था कि उनकी कोई बुकिंग हुई ही नहीं है। इस धोखाधड़ी के कारण लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी और असुविधा का भी सामना करना पड़ता था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के निर्देश पर साइबर सेल ने तकनीकी जांच और साइबर विश्लेषण शुरू किया। जांच के दौरान कई फर्जी वेबसाइटों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस मुख्यालय भोपाल के माध्यम से संबंधित प्लेटफॉर्म्स को कानूनी नोटिस जारी कर इन वेबसाइटों को इंटरनेट से हटवाया गया।
पुलिस के अनुसार, यह कृत्य सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की विभिन्न धाराओं तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
उज्जैन पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि धर्मशाला, होटल या भक्त निवास की ऑनलाइन बुकिंग करते समय केवल आधिकारिक और विश्वसनीय वेबसाइटों का ही उपयोग करें। किसी भी संदिग्ध वेबसाइट या अज्ञात मोबाइल नंबर पर भुगतान करने से पहले उसकी सत्यता की पूरी जांच अवश्य करें।
पुलिस ने यह भी कहा है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो वह तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए या नजदीकी पुलिस थाना अथवा साइबर सेल से संपर्क करे।

