तुर्किए के राष्ट्रपति एर्दोगन का कड़ा बयान, भारत के तीन सहयोगी देशों को दी चेतावनी
Turkey Israel Tensions: तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने पूर्वी भूमध्यसागर में बढ़ते तनाव को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में, विशेष रूप से साइप्रस द्वीप के आसपास, संघर्ष भड़काने के प्रयास किए जा रहे हैं और तुर्किये तथा तुर्किये-साइप्रस के लोगों के अधिकारों को नुकसान पहुंचाने के किसी भी प्रयास का कड़ा जवाब दिया जाएगा।
एर्दोगन ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट करते हुए खा कि तुर्किये इन घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहा है और किसी भी तरह के उकसावे को बर्दाश्त नहीं करेगा।
इज़राइल-ग्रीस-साइप्रस गठबंधन को लेकर नाराजगी
माना जा रहा है कि एर्दोगन का यह तीखा बयान इज़राइल, ग्रीस और साइप्रस के बीच बन रहे नए सैन्य और ऊर्जा गठबंधन से प्रेरित है।तुर्किये का आरोप है कि यह गठबंधन क्षेत्र में उसके प्रभाव को सीमित करने और उसे घेरने की रणनीति का हिस्सा है। पार्टी के सांसदों को संबोधित करते हुए एर्दोगन ने कहा कि कुछ छोटे समूह इज़राइल के हितों को साधने के लिए क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये देश केवल “हवा में महल” बना रहे हैं और उन्हें जोखिम भरे कदम उठाने से बचना चाहिए।
इजरायल को सीधी चेतावनी
तुर्किये के राष्ट्रपति ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी ने इज़राइल को और अधिक साहसी बना दिया है, और उसकी नीतियां क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इज़राइल को अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में लाना अब केवल कुछ देशों का मामला नहीं है, बल्कि पूरी मानवता का मामला है।
सैन्य गठबंधन से बढ़ी चिंता
इजराइल ने पूर्वी भूमध्य सागर में लगभग 2,500 सैनिकों वाली एक संयुक्त रैपिड-रेस्पॉन्स सैन्य टास्क फोर्स स्थापित करने के लिए ग्रीस और साइप्रस के साथ एक समझौता किया है। इजराइली वायु सेना और नौसेना ग्रीस और साइप्रस में कुछ सैन्य ठिकानों का उपयोग कर रही हैं।
तुर्किये इसे अपनी समुद्री सीमाओं और उत्तरी साइप्रस की नाकाबंदी के लिए खतरा मानता है। इसके अलावा, लेबनान और सीरिया में इजरायली सैन्य अभियानों को लेकर तुर्की की चिंता बढ़ती जा रही है। एर्दोगन ने कहा कि यदि यह स्थिति आगे बढ़ी तो इसका असर सीधे तुर्किये की सुरक्षा पर पड़ सकता है। (एजेंसी)

