1 अगस्त से बदल गए कई अहम नियम: गैस से रेलवे और GST तक जानिए क्या-क्या हुआ नया
अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही देशभर में कई महत्वपूर्ण नियम लागू हो गए हैं। इन बदलावों का असर आम उपभोक्ताओं, बैंक ग्राहकों, कारोबारियों और रेलवे यात्रियों पर पड़ेगा। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों से लेकर तत्काल टिकट बुकिंग, बैंकिंग सेवाओं, जीएसटी और टैक्स से जुड़े कई नियमों में बदलाव किया गया है। ऐसे में इन नए नियमों की जानकारी होना हर व्यक्ति के लिए जरूरी है।
कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में राहत
तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 200 रुपये से अधिक की कटौती की है। इससे होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत मिलेगी। हालांकि घरेलू 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
Tatkal टिकट बुकिंग का नया नियम
भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग की व्यवस्था में बदलाव किया है। अब आरक्षण काउंटर पर टोकन उसी समय जारी किए जाएंगे, जब तत्काल बुकिंग शुरू होगी। इसके बाद यात्रियों को टोकन क्रम के अनुसार टिकट दिए जाएंगे। रेलवे का उद्देश्य भीड़ कम करना और प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाना है।
बैंकिंग सेवाओं के शुल्क में संशोधन
1 अगस्त से कुछ बैंकों ने अपनी विभिन्न सेवाओं के शुल्क में बदलाव किया है। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने SMS अलर्ट शुल्क में संशोधन किया है। अन्य बैंक भी अपनी नीतियों के अनुसार सेवा शुल्क अपडेट कर सकते हैं।
महंगी हो सकती हैं कई जरूरी वस्तुएं
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक परिस्थितियों और बढ़ती इनपुट लागत के कारण आने वाले समय में टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, कपड़े, ऑटोमोबाइल और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में 4 से 6 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है।
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अब Belated ITR दाखिल करना होगा
निर्धारित समय सीमा तक आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले करदाताओं को अब Belated ITR भरना होगा। ऐसे मामलों में आयकर नियमों के तहत लेट फीस भी देनी पड़ सकती है।
क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव
कई बैंकों ने 1 अगस्त से अपनी क्रेडिट कार्ड सेवाओं में बदलाव लागू किए हैं। इनमें रिवॉर्ड पॉइंट्स, वार्षिक शुल्क और अन्य बैंकिंग चार्ज से जुड़े संशोधन शामिल हो सकते हैं। ग्राहकों को अपने बैंक की नई शर्तों की जानकारी लेना जरूरी है।
CKYC 2.0 की शुरुआत
बैंकिंग, बीमा और म्यूचुअल फंड सेक्टर में CKYC 2.0 का चरणबद्ध क्रियान्वयन शुरू हो गया है। इससे ग्राहकों की पहचान प्रक्रिया पहले से अधिक डिजिटल और आसान होगी तथा बार-बार KYC दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता कम होगी।
GST नियमों में भी हुआ बदलाव
जीएसटी प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। अब Bill To–Ship To लेन-देन में Ship-To GSTIN दर्ज करना अनिवार्य होगा। साथ ही GSTIN, स्टेट कोड और अन्य जानकारियों का डिजिटल सत्यापन भी पहले से अधिक प्रभावी तरीके से किया जाएगा।

