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‘सड़क पर रोका तो पहुंचे अदालत’: राहुल गांधी और 11 विपक्षी दलों की सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के खिलाफ अर्जी

नई दिल्ली। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और कथित अनियमितताओं को लेकर जारी राजनीतिक टकराव अब पूर्ण रूप से न्यायिक मंच पर पहुंच गया है। राजधानी में पुलिस द्वारा सुप्रीम कोर्ट मार्च रोके जाने के कुछ ही घंटों बाद, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और ‘इंडिया’ गठबंधन के 11 प्रमुख नेताओं ने संयुक्त रूप से शीर्ष अदालत में एक अहम याचिका दाखिल कर दी। 12 अक्टूबर 2026 को शाम 4:37 बजे दायर इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में दर्ज कर लिया गया है, जिसका डायरी नंबर 64196/2026 है।

रजिस्ट्री को प्रक्रिया तुरंत पूरी करने का आदेश, मंगलवार को CJI बेंच में सुनवाई के आसार

मामले की तात्कालिकता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि याचिका से जुड़ी औपचारिकताएं और प्रक्रियाएं आज ही पूरी की जाएं तथा किसी भी तकनीकी कमी को तत्काल दूर किया जाए। इसके चलते पूरी संभावना है कि मंगलवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर सकती है। इस मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता प्रसन्ना एस. पैरवी कर रहे हैं।

ज्ञानेश कुमार समेत चुनाव आयोग के 3 शीर्ष अधिकारी प्रतिवादी

विपक्ष की इस संयुक्त याचिका में कुल चार पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है। इसमें प्राथमिक प्रतिवादी के रूप में भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) को शामिल किया गया है, जबकि अन्य तीन प्रतिवादियों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के नाम दर्ज हैं। याचिका में मुख्य रूप से चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और हालिया चुनावों की कथित अनियमितताओं से जुड़े सवालों को उठाया गया है।

भगवान दास रोड पर पुलिस से टकराव

इससे पूर्व, सोमवार दोपहर को विपक्षी गठबंधन के शीर्ष नेताओं और सांसदों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद भवन से सुप्रीम कोर्ट की ओर पैदल मार्च शुरू किया था। सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट से ठीक पहले भगवान दास रोड पर दो स्तरीय बैरिकेडिंग कर रखी थी। प्रदर्शनकारियों ने पहले बैरिकेड को हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन दूसरे भारी सुरक्षा घेरे पर पुलिस ने सभी नेताओं को रोक दिया। सड़क पर हुए इस गतिरोध के बाद विपक्षी दलों ने तुरंत कानूनी रास्ता अपनाते हुए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

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