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Solid Waste Management Rules 2026 लागू: अब बड़े संस्थानों को खुद उठानी होगी कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी

Solid Waste Management Rules 2026

देशभर में कचरा प्रबंधन को लेकर एक बड़ा बदलाव लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने नए Solid Waste Management Rules 2026 लागू कर दिए हैं, जो अब पुराने 2016 के नियमों की जगह ले चुके हैं। इन नए नियमों के जरिए कचरा प्रबंधन प्रणाली को अधिक सख्त, जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है। खासतौर पर बड़े संस्थानों के लिए अब जिम्मेदारियां काफी बढ़ा दी गई हैं।

“बल्क वेस्ट जनरेटर” की नई परिभाषा

नए नियमों में “बल्क वेस्ट जनरेटर” (Bulk Waste Generator) की परिभाषा को संशोधित किया गया है। अब वे सभी संस्थान इस श्रेणी में आएंगे, जिनका क्षेत्रफल 20,000 वर्गमीटर या उससे अधिक है, या जो प्रतिदिन 40,000 लीटर या उससे ज्यादा पानी का उपयोग करते हैं, या फिर रोजाना 100 किलो या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करते हैं।

इस दायरे में सरकारी विभाग, स्थानीय निकाय, सार्वजनिक उपक्रम, बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान, स्कूल-कॉलेज, आवासीय सोसायटी, होटल, बाजार और बड़े इवेंट आयोजक शामिल किए गए हैं।

अब खुद करना होगा कचरे का निस्तारण

Solid Waste Management Rules 2026 के तहत अब इन सभी बड़े संस्थानों को अपने परिसर में उत्पन्न कचरे का प्रबंधन खुद करना अनिवार्य कर दिया गया है। उन्हें कचरे का पृथक्करण (गीला और सूखा), प्रसंस्करण और अंतिम निस्तारण अपने स्तर पर सुनिश्चित करना होगा।

इसका उद्देश्य यह है कि बड़े स्तर पर कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थान अपनी जिम्मेदारी से बच न सकें और नगर निकायों पर अनावश्यक दबाव कम हो।

EBWGR सर्टिफिकेट की नई व्यवस्था

यदि कोई संस्थान अपने स्तर पर कचरे का प्रबंधन करने में सक्षम नहीं है, तो उसे स्थानीय निकाय से विशेष प्रमाणपत्र लेना होगा। इसके लिए “Extended Bulk Waste Generator Responsibility (EBWGR)” सर्टिफिकेट की व्यवस्था की गई है।

यह प्रमाणपत्र यह सुनिश्चित करेगा कि संबंधित संस्थान या तो खुद नियमों का पालन कर रहा है या किसी अधिकृत एजेंसी के माध्यम से कचरे का सही निस्तारण करा रहा है। यह सर्टिफिकेट स्थानीय निकाय जैसे Municipal Corporation of Delhi (MCD) द्वारा जारी किया जाएगा।

दायरे में आएंगे ये संस्थान

नए नियमों के तहत वे सभी संस्थान इस दायरे में आएंगे:

जिनका क्षेत्रफल 20,000 वर्गमीटर या उससे अधिक है
जहां प्रतिदिन 40,000 लीटर या उससे ज्यादा पानी की खपत होती है
जहां रोजाना बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न होता है

इन सभी को कचरा प्रबंधन के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

दिल्ली में लागू होने लगी प्रक्रिया

राजधानी दिल्ली में इन नियमों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। Municipal Corporation of Delhi (MCD) ने कई बड़े सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों को निर्देश जारी किए हैं।

इनमें Delhi Metro Rail Corporation, Indian Railways, डीएसआईआईडीसी, कृषि विपणन निदेशालय और उच्च शिक्षा विभाग जैसे संस्थान शामिल हैं।

गीला और सूखा कचरा अलग करना अनिवार्य

नए नियमों के तहत सभी बड़े संस्थानों को अपने परिसर में उत्पन्न कचरे को गीला (wet) और सूखा (dry) अलग-अलग करना होगा। इसके साथ ही उन्हें कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए उचित व्यवस्था भी करनी होगी।

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