Sat. Jun 13th, 2026

क्या कंगना रनौत को बॉलीवुड ने किया बॉयकॉट? अभिनेत्री बोलीं- मुझे किसी का मैसेज नहीं आता

Kangana Ranaut On Industry Boycott: बॉलीवुड की सबसे बेबाक अभिनेत्रियों में गिनी जाने वाली कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। अपनी आगामी फिल्म “भारत भाग्य विधाता” की रिलीज से पहले, कंगना ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने रिश्तों, संघर्षों और सफलता के बारे में खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि आज भी फिल्म इंडस्ट्री के लोग उनसे ज्यादा संपर्क नहीं रखते और उनका सफर हमेशा दूसरों से अलग रहा है।

जब घर छोड़ना पड़ा, तभी बदली जिंदगी

हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए कंगना ने बताया कि उनके शुरुआती जीवन के सबसे कठिन, लेकिन महत्वपूर्ण फैसलों में से एक था अपने परिवार द्वारा तय किए गए रास्ते पर न चलना। कम उम्र में घर छोड़कर अपने सपनों को पूरा करना आसान नहीं था। उस समय न तो उनके पास आर्थिक सुरक्षा थी और न ही कोई मजबूत सहारा।उन्होंने कहा कि शुरुआत में उनके सामने अनिश्चितता ही अनिश्चितता थी। पढ़ाई पूरी नहीं थी, नौकरी का अनुभव नहीं था और मुंबई जैसे बड़े शहर में कोई पहचान भी नहीं थी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने दम पर पहचान बनाने का फैसला किया।

सफलता के साथ बढ़ते गए विरोधी

कंगना का मानना ​​है कि जैसे-जैसे किसी व्यक्ति की लोकप्रियता और प्रभाव बढ़ता है, वैसे-वैसे आलोचकों की संख्या भी बढ़ती है। उनके अनुसार, सार्वजनिक जीवन में यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। उन्होंने आगे कहा कि यदि कोई व्यक्ति लगातार आगे बढ़ता रहता है, तो उसके विरोध में आवाजें उठना स्वाभाविक है। बीते कुछ वर्षों में कंगना कई विवादों का हिस्सा रही हैं। कई बार उन्होंने खुलकर फिल्म इंडस्ट्री की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कई बड़े नामों के खिलाफ भी बयान दिए। यही वजह है कि उन्हें अक्सर बॉलीवुड की सबसे अलग और मुखर आवाज माना जाता है। जब उनसे आने वाली फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ को लेकर सवाल किया गया कि उन्हें किसी ने मैसेज दिया या किसी ने बात की, तो इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें इंडस्ट्री की तरफ से कोई भी मेसेज नहीं करता है।

सिर्फ अभिनेत्री नहीं, कई भूमिकाएं निभा रहीं कंगना

कंगना ने कहा कि उन्होंने हमेशा अपनी क्षमता से ज्यादा जिम्मेदारियां उठाने की कोशिश की है। अभिनय के साथ-साथ उन्होंने लेखन, फिल्म निर्माण और राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई। उनका मानना है कि नई चुनौतियां स्वीकार किए बिना व्यक्ति आगे नहीं बढ़ सकता।उनके अनुसार, जीवन का बड़ा हिस्सा उन्होंने लगातार दबाव और जिम्मेदारियों के बीच बिताया है। यही दबाव उन्हें और मजबूत बनाता गया।

बॉक्स ऑफिस जरूरी, लेकिन सब कुछ नहीं

फिल्मों की सफलता के बारे में बात करते हुए कंगना ने कहा कि किसी भी फिल्म उद्योग के लिए व्यावसायिक सफलता बेहद ज़रूरी है। अगर फिल्में दर्शकों तक नहीं पहुंचतीं और कमाई नहीं करतीं, तो नए प्रोजेक्ट बनाना मुश्किल हो जाता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों से किसी कलाकार की पूरी पहचान नहीं की जा सकती। उनके अनुसार, अभिनय, प्रतिभा और दर्शकों पर पड़ने वाला प्रभाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

‘भारत भाग्य विधाता’ से उम्मीदें

अब सबकी निगाहें कंगना की आने वाली फिल्म “भारत भाग्य विधाता” पर टिकी हैं। अभिनेत्री को उम्मीद है कि फिल्म दर्शकों का प्यार बटोर लेगी और उन्हें एक बार फिर बड़े पर्दे पर स्थापित करेगी। उनके हालिया बयान से यह भी स्पष्ट होता है कि अपनी तमाम सफलताओं के बावजूद, कंगना आज भी अपने सफर को संघर्ष, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की कहानी मानती हैं।(एजेंसी)

About The Author