कोलकाता में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरी, 50 से अधिक मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में बुधवार को एक बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। तारातला थाना क्षेत्र के ब्रेस ब्रिज के पास स्थित ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक ढह गई। हादसे के समय परिसर में बड़ी संख्या में मजदूर निर्माण कार्य में लगे हुए थे। छत गिरते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई श्रमिक मलबे में फंस गए।
50 से अधिक लोगों के दबे होने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छत का बड़ा हिस्सा गिरने से भारी मात्रा में कंक्रीट और लोहे का मलबा जमा हो गया। अधिकारियों को आशंका है कि मलबे के नीचे 50 से ज्यादा मजदूर फंसे हो सकते हैं। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी।
पुलिस, दमकल और सेना की संयुक्त कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही कोलकाता पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन समूह (DMG) और नागरिक सुरक्षा की टीमें मौके पर पहुंच गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना को भी राहत एवं बचाव कार्य में शामिल किया गया। विभिन्न एजेंसियां मिलकर मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास में जुटी हुई हैं।

चार लोगों को सुरक्षित निकाला गया
राहत टीमों ने शुरुआती अभियान के दौरान चार लोगों को मलबे से बाहर निकालने में सफलता हासिल की है। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि बचाव अभियान लगातार जारी है और मलबे के भीतर फंसे अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
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भारी मशीनों की मदद से चल रहा रेस्क्यू
हादसा स्थल पर लोहे के गर्डर और कंक्रीट का भारी मलबा जमा होने के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सेना और अन्य एजेंसियां क्रेन, हाइड्रोलिक कटर और आधुनिक मशीनों की सहायता से मलबा हटाने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अतिरिक्त क्षति से बचने के लिए बेहद सावधानी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
सरकार ने बनाया कंट्रोल रूम
हादसे के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने स्थिति पर नजर रखने के लिए विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। पीड़ित परिवारों और आम नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। प्रशासन लगातार घटनास्थल की निगरानी कर रहा है और राहत कार्यों की प्रगति पर नजर बनाए हुए है।

