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महतारी वंदन योजना में फिर शुरू होगा रजिस्ट्रेशन, 15 दिन में खुल सकता है पोर्टल

Mahtari Vandan Yojana Registration: छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है। ‘महतारी वंदन योजना’ के लिए रजिस्ट्रेशन पोर्टल जल्द ही नई पात्र महिलाओं के लिए फिर से खोला जा सकता है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस संभावना का संकेत दिया है। खबरों के अनुसार, योजना का पोर्टल अगले 15 दिनों के भीतर फिर से शुरू किया जा सकता है, जिससे उन पात्र विवाहित महिलाओं को आवेदन करने का मौका मिलेगा जो अब तक इससे छूट गई थीं। बताया जा रहा है कि सरकार इस चरण की शुरुआत बस्तर संभाग से करने की योजना बना रही है। इस योजना के तहत, पात्र महिलाओं को हर महीने सीधे उनके बैंक खातों में1,000 की आर्थिक सहायता मिलती है, जिससे लाखों महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।

नई हितग्राहियों के लिए खुलेगा रजिस्ट्रेशन का रास्ता

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने संकेत दिया है कि ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत नए पात्र लाभार्थियों के रजिस्ट्रेशन के लिए पोर्टल फिर से खोला जाएगा। इस बारे में अगले 15 दिनों में आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद है। पोर्टल खुलने के बाद, वे महिलाएं जो पहले किसी भी कारण से इस योजना का लाभ नहीं उठा पाई थीं, वे आवेदन कर सकेंगी।

बस्तर संभाग से हो सकती है शुरुआत

सरकारी सूत्रों के अनुसार योजना के नए पंजीयन चरण की शुरुआत बस्तर संभाग से किए जाने पर विचार हो रहा है। बस्तर क्षेत्र के दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में पात्र महिलाएं अब भी योजना से बाहर हैं। ऐसे में सरकार वहां पहले लाभ पहुंचाने की तैयारी कर रही है।

अब तक 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित

राज्य सरकार के अनुसार, राज्य में पात्र विवाहित महिलाओं को ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत हर महीने 1,000 की आर्थिक सहायता मिल रही है। अब तक, कुल 18,165.19 करोड़ की राशि 28 किस्तों में सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है। सरकार का दावा है कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही है।

आर्थिक सहायता से बढ़ा महिलाओं का आत्मविश्वास

यह योजना से नारायणपुर जिले की महिलाओं के लिए बहुत मददगार साबित हुई है। परिवार की सीमित आय के बीच मिलने वाली मासिक सहायता से वे अपने बच्चों की पढ़ाई, राशन और दूसरी जरूरी जरूरतों को पूरा कर पाती हैं। इससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है और परिवार में निर्णय लेने की उनकी क्षमता भी बढ़ी है।

दूरस्थ इलाकों तक पहुंच रहा लाभ

इस योजना से सुकमा जिले के लोगों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आए हैं। दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर परिवारों के लिए, हर महीने मिलने वाली आर्थिक मदद से बच्चों के पोषण, राशन और घर की जरूरतों को पूरा करना आसान हो गया है। दूर-दराज के इलाकों में रहने वाली महिलाओं के लिए यह योजना आर्थिक सुरक्षा का आधार बन रही है।

स्वरोजगार की दिशा में भी बढ़ रहे कदम

सरकार का कहना है कि महतारी वंदन योजना सिर्फ आर्थिक मदद देने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए भी प्रोत्साहित करती है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की हेमा सिंह ने इस योजना से मिली राशि की बचत करके किराने की दुकान शुरू की। वहीं, सरगुजा जिले की करियो ने बकरी पालन का काम शुरू किया, जो अब उनके परिवार के लिए आय का एक अहम जरिया बन गया है।(एजेंसी)

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